

रुड़की(आरएनएस)। युवक के अपहरण और 18 लाख रुपये की फिरौती वसूली के मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच में सामने आया है कि बदमाश पूरी तरह एसओजी टीम के गेटअप में पहुंचे थे। उनके पहनावे, बातचीत और व्यवहार से युवक उन्हें असली पुलिसकर्मी समझ बैठा। आरोप है कि बदमाशों ने इतना दबाव और डर बनाया कि पीड़ित उनकी पहचान तक नहीं कर पाया। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के न्यू आदर्शनगर निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ लोग कार से उसके घर पहुंचे थे। उन्होंने खुद को एसओजी का सदस्य बताते हुए पूछताछ के बहाने उसे अपने साथ बैठा लिया। रास्ते भर उससे सख्ती से पूछताछ की गई और धमकाया गया। आरोप है कि बाद में बदमाश उसे मुजफ्फरनगर के जंगल क्षेत्र में ले गए, जहां उससे लाखों रुपये वसूले गए। पुलिस अब मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। यह भी पड़ताल की जा रही है कि घटना के पीछे कहीं वे लोग तो नहीं हैं, जिनके साथ पहले युवक ने जादुई लोटे के जरिए सम्मोहित कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस युवक के जेल में रहने के दौरान बने संपर्कों और पुरानी रंजिशों की भी जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा पुलिस कार के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों और वाहन की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

