
उत्तरकाशी (आरएनएस)। तीन सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में 11वें दिन भी जारी रहा। मांगों पर अब तक कोई सकारात्मक पहल न होने से कार्यकर्ताओं में रोष बना हुआ है और उन्होंने विकास भवन परिसर में नारेबाजी कर विरोध जताया।
धरने के चलते नौगांव ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बहिष्कार के कारण सभी 267 केंद्र बंद पड़े हैं। इससे टेक होम राशन, कुक्कड़ फूड, पोषण आहार सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं। बाल विकास परियोजना कार्यालय के समक्ष भी कार्यकर्ता धरने पर बैठे हुए हैं।
विकास भवन परिसर में धरने पर बैठी संगठन की जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी नौटियाल ने बताया कि कार्यकर्ता लंबे समय से 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की सहायता और बायोमीट्रिक व्यवस्था से अलग रखने सहित अन्य मांगें कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनीता अग्रवाल ने कहा कि हड़ताल के कारण सभी केंद्र बंद हैं और किसी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं हो पा रही है।
धरना-प्रदर्शन में सुमित्रा देवी, किरण भंडारी, वंदना देवी, संगीता देवी, राजकुमारी, शारदा देवी, बीना भारती, रेखा देवी, प्रवीना देवी, बामू रावत, कुसुम थपलियाल, शोभा नेगी, कृष्णा राणा, दर्शनी राणा, रुकमणी सेमवाल, ममता, रीना, सुमनलता, मंजू सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
इधर कंडीसौड़ में आयोजित बैठक में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मानदेय बढ़ाने की मांग पर नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष रामदेई राणा ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच अल्प वेतनभोगियों की अनदेखी की जा रही है, जिससे आर्थिक समस्याएं बढ़ रही हैं। बैठक में अंजलि देवी, ममता राणा, लक्ष्मी रावत, रोशनी राणावत, गीता चौहान, लक्ष्मी खंडूड़ी, प्रमिला भट्ट और ममता गुसाईं सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

