
चमोली(आरएनएस)। एनटीपीसी की 520 मेगावाट की तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों ने मांगों को लेकर परियोजना का कार्य रुकवा दिया और प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान उनकी सीआईएसएफ के जवानों के साथ नोकझोंक भी हुई। बाद में ग्रामीण दूसरी जगह पर पहुंचे और सभी जगहों का काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों की मंगलवार को एनटीपीसी कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ता विफल रही थी। इसके बाद ग्रामीण बुधवार से आंदोलन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने तपोवन, सेलंग व अणीमठ की तरफ धरना दिया। सेलंग साइट में ग्रामीण काम रुकवाने के लिए पहुंचे और गेट के अंदर जाने लगे तो सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान उनकी गेट पर तीखी नोकझोंक हुई और उसके बाद ग्रामीणों ने परियोजना के टीवीएम व टरबाइन साइड पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया। उसके बाद तपोवन से बैराज साइड जाने वाले मार्ग पर धरना दिया। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बजवाल ने बताया कि कंपनी के सभी कार्यों को रोक दिया गया है जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। परियोजना प्रभावित ग्रामीण रोजगार, चारापत्ती सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी लगातार उनकी मांग को अनसुना कर रही है। धरना देने वालों में अजीतपाल रावत, लक्ष्मण सिंह, भालचंद्र चमोला, हरीश कैरणी, महेंद्र रावत, वर्षा बिष्ट, सरिता फरस्वाण, शांति देवी, भवानी देवी, आशा देवी, सीता देवी, पार्वती देवी, विजया देवी, लक्ष्मी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

