
अल्मोड़ा। पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें जिले के विभिन्न ब्लॉकों से सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बल के कार्मिक शामिल हुए। बैठक में चार सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में अर्धसैनिक बलों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुरूप लाभ देने और जिला स्तर पर प्रभावी कल्याण बोर्ड स्थापित करने की मांग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि ये मांगें न्यायसंगत हैं, लेकिन लगातार उपेक्षित की जा रही हैं। बैठक में प्रस्तावित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स बिल पर भी आपत्ति जताई गई। पूर्व कार्मिकों ने कहा कि उच्च पदों पर आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से जुड़े प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार वादाखिलाफी कर रही है। हल्द्वानी में घोषित पैरामिलिट्री कल्याण बोर्ड का गठन चार महीने बाद भी नहीं हो सका है, जबकि गैरसैंण में मुलाकात के दौरान आश्वासन दिया गया था। जिला स्तर पर भी कल्याण बोर्ड के गठन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर चिंता जताई गई। बैठक में सीजीएचएस सुविधा को लेकर भी समस्या उठाई गई। पूर्व कार्मिकों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह व्यवस्था अत्यंत जरूरी है, लेकिन इसके अभाव में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 15 मई के बाद बड़ा जुलूस निकाला जाएगा। बैठक में मनोहर सिंह नेगी, टीडी शर्मा, के एस खनी, दीवान सिंह बोरा, आरपी जोशी, के एस अधिकारी, रमेश नेगी, चतुर सिंह, हरीश सिंह, नंदन सिंह, मदन मोहन, राम सिंह रजवार, हीरा सिंह, हीरा बल्लभ, गोपाल सिंह, महेंद्र कुमार मनराल सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक का संचालन दीवान सिंह बोरा और रूप सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया।

