
देहरादून(आरएनएस)। जन प्रहार ने नारी निकेतन में संवासिनी की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाए। कहा कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या मजिस्ट्रियल स्तर पर कराई जाए। शनिवार को जन प्रहार के प्रतिनिधि मंडल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट से मुलाकात की और इस बात पर आपत्ति की कि बिना जांच के इस हादसे को आत्महत्या बताया जा रहा है। जन प्रहार के सह संयोजक पंकज सिंह क्षेत्री ने संवासिनी की मौत को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में एक संवासिनी की मृत्यु का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। कहा कि इस घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है, जबकि परिस्थितियां कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती हैं। महिला का अपने परिवार, विशेषकर पति से नियमित संपर्क था और वह शीघ्र ही अपने घर लौटने वाली थी। कहा कि ऐसे में अचानक इस प्रकार की घटना होना संदेह उत्पन्न करता है। सवाल उठाया कि यदि महिला किसी मानसिक तनाव से गुजर रही थी, तो नारी निकेतन प्रशासन द्वारा उसकी समुचित निगरानी और परामर्श की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कहा कि इस मामले में मंत्री रेखा आर्या से जल्द मुलाकात करेंगे। जन प्रहार की संयोजक सुजाता पॉल ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं, बल्कि महिला सुरक्षा एवं संरक्षण तंत्र की वास्तविक स्थिति को भी उजागर करती हैं। आरोप लगाया कि भाजपा के शासनकाल में नारी निकेतन में भी युवतियां सुरक्षित नहीं है। यदि उक्त महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी तो उसका इलाज किस डॉक्टर के द्वारा किया जा रहा था और उसकी देखरेख में कहां कमी रह गई?। जन प्रहार के सहसंयोजक एडवोकेट पंकज सिंह क्षेत्री ने कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। घटना के समय तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की गहन जांच की जाए। प्रवक्ता रविन्द्र गुसाईं ने कहा कि नारी निकेतन जैसी संस्थाओं में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।

