
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्रीय राजनीतिक दलों और जनपक्षीय संगठनों ने एकजुट होकर मजबूत विकल्प तैयार करने की पहल शुरू कर दी है। होटल शिखर में आयोजित रणनीतिक बैठक में भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के रूप में जनआधारित राजनीतिक मोर्चा खड़ा करने पर सहमति बनी। बैठक में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड लोक वाहिनी, हिमालय क्रांति पार्टी, इंडिया ग्रीन्स पार्टी और लोक जिम्मेदार पार्टी समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी उत्तराखंड अपेक्षित विकास नहीं कर पाया है और इसके लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं। उन्होंने जनसरोकारों की अनदेखी आरोप लगाया। बैठक में बेरोजगारी, पलायन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, महिला अपराधों में वृद्धि और सरकारी पदों पर भर्ती न होने जैसे मुद्दों पर चिंता जताई गई। बैठक में सभी जनपक्षीय और क्षेत्रीय शक्तियों को एक मंच पर लाकर रोजगार, पलायन रोकने, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और क्षेत्रीय अस्मिता को केंद्र में रखकर राजनीतिक विकल्प तैयार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही समान विचारधारा वाले संगठनों से भी जुड़ने का आह्वान किया गया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि राज्य के हित में सभी को एकजुट होना होगा और यह लड़ाई केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है। बैठक का संयोजन प्रभात ध्यानी और संचालन चारु तिवारी ने किया। बैठक में राजीव लोचन साह, भूपेंद्र कोरंगा, प्रकाश जोशी, नरेश नौटियाल, दिनेश उपाध्याय, मोहन कांडपाल, जेसी उप्रेती, सुरेश नौटियाल, आरपी सिंह, जगदीश चंद्र मैनानी आदि सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

