

देहरादून। राज्य में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। बोट ब्रो क्रॉस मार्केट माइन क्रिटो कंपनी पर निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर 20 से 25 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर थाना पुलिस के अनुसार किद्दूवाला निवासी दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी ने करीब दो वर्ष पहले कंपनी को पूरी तरह वैध बताते हुए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। निवेशकों को हर महीने पांच से दस प्रतिशत तक मुनाफा देने का दावा किया गया था। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया कि छह महीने बाद मूल धन बिना किसी कटौती के वापस मिल जाएगा।
आरोपियों ने निवेशकों से बिजनेस आईडी के नाम पर 10 हजार रुपये तक लाइसेंस शुल्क भी वसूला। पुलिस के अनुसार निवेशकों को जोड़ने के लिए देहरादून के कई होटलों में सेमिनार और ऑनलाइन बैठकें आयोजित की गईं। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए कंपनी को सुरक्षित निवेश प्लेटफॉर्म बताकर प्रचार किया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि शुरुआत में बिहारीगढ़ क्षेत्र में प्लॉट और भविष्य की तारीख वाले चेक देने का भरोसा भी दिया गया, लेकिन बाद में यह सब छलावा साबित हुआ। अक्तूबर 2025 में कंपनी अचानक बंद हो गई, जिसके बाद निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में 20 से 25 करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है। राज्य स्तर पर यह रकम और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मामले में नवीन सिंह नेगी निवासी सिद्ध विनायक कॉलोनी रायपुर, दीपेश देवरानी निवासी बालावाला, जगपाल सिंह सजवाण निवासी गुलरघाटी, सुरेंद्र प्रसाद कोटवाल निवासी रायपुर, अनिल कुमार परदेशी निवासी चुक्खुमोहल्ला और कमल सिंह रावत निवासी नकरौंदा को आरोपी बनाया गया है।

