
रुद्रपुर (आरएनएस)। सितारगंज में फर्जी चेकों के जरिए एक युवती के बैंक खाते से 55 लाख रुपये निकालने की कोशिश का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व मैनेजर समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अरावली एनक्लेव, देहरादून निवासी राधा कुमारी ने बताया कि कुंवरपुर सिसैया, सितारगंज में राधे इंफ्रा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से उनका स्टोन क्रशर संचालित है। इसके संचालन के लिए उन्होंने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी अपने ममेरे भाई सुधीर कुमार को मैनेजर नियुक्त किया था, जो फर्म के कच्चे माल की खरीद-फरोख्त के लिए बैंक खाते से लेनदेन करता था और उसके पास हस्ताक्षरित कई बैंक चेक भी रहते थे।
उन्होंने बताया कि 25 सितंबर 2022 को मैनेजर सुधीर कुमार की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर उसे फर्म से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के समय उसने फर्म से संबंधित दस्तावेज और हस्ताक्षरित चेक वापस कर दिए थे, लेकिन चेक बुक के मिलान के दौरान आठ हस्ताक्षरित चेक गायब मिले। इसके बाद 2 फरवरी 2024 को उन्होंने संबंधित बैंक में प्रार्थना पत्र देकर उन चेकों से होने वाले सभी भुगतानों पर रोक लगाने का अनुरोध किया।
आरोप है कि पूर्व मैनेजर ने अपने जीजा सुबोध कुमार के नाम 15 लाख रुपये, जीजा के पिता बालेश्वर के नाम 15 लाख रुपये, बहन रेणु के नाम 10 लाख रुपये और जीजा की मां विद्यावती के नाम 15 लाख रुपये के फर्जी चेक जारी कर दिए। इसके अलावा केला देवी के नाम से भी एक चेक जारी किया गया। इन चेकों को विभिन्न बैंकों में जमा कर रकम निकालने की कोशिश की गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि फर्म के संचालन के लिए मैनेजर को एक कार दी गई थी, जिसे उसने अब तक वापस नहीं किया है।
क्षेत्राधिकारी बीएस धौनी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर शनिवार को छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

