
अल्मोड़ा। नगर के चीनाखान निवासी ध्रुव रंजन जोशी और प्रतिभा जोशी की पुत्री श्रीपूर्णा जोशी का विवाह गुरुवार, 12 फरवरी को फ्रांस निवासी और्हेल्यै गैरंपो के साथ कसार देवी स्थित एक रिजॉर्ट में पारंपरिक हिंदू विधि-विधान से संपन्न हुआ। विदेशी दूल्हे और बारातियों के साथ हुई यह अनूठी शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
फ्रांस से आए दो दर्जन से अधिक मेहमानों ने कुमाऊंनी परंपराओं के बीच आयोजित समारोह का उत्साह से आनंद लिया। ढोल-दमाऊ की धुन और छोलिया नृत्य के साथ निकली बारात में विदेशी मेहमान पारंपरिक परिधानों में नजर आए। महिलाओं ने पिछौड़ा, साड़ी और घाघरा-चोली पहनी, जबकि पुरुष कुर्ता-पायजामा और शेरवानी में सजे दिखे। विवाह की रस्मों में जयमाला, कन्यादान, फेरे और अन्य विधियां पूर्ण रीति से संपन्न कराई गईं।
और्हेल्यै गैरंपो ने समारोह के दौरान कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और उत्तराखंड की आध्यात्मिकता से प्रभावित होकर उन्होंने विवाह के लिए अल्मोड़ा को चुना। उन्होंने बताया कि भारत और विशेषकर उत्तराखंड में उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है और यह आयोजन उनके लिए पारिवारिक समारोह के साथ एक विशेष अनुभव भी है।
श्रीपूर्णा जोशी ने दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में स्नातक, भारतीय विद्या भवन से टेलीविजन एवं फिल्म प्रोडक्शन में स्नातकोत्तर तथा ग्राफिक डिजाइन में डिप्लोमा किया है। वर्ष 2020 में उन्होंने फ्रांस की टूलूज यूनिवर्सिटी से मार्केट मैनेजिंग एंड कम्युनिकेशन में एमएससी की डिग्री प्राप्त की और बाद में स्किपर कंपनी में डेटा एनालिस्ट के रूप में कार्य शुरू किया। पिछले लगभग पाँच वर्षों से फ्रांस में रह रही श्रीपूर्णा अब और्हेल्यै गैरंपो की जीवनसंगिनी बन गई हैं।

