
अल्मोड़ा। नगर क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती समस्या को लेकर पार्षदों द्वारा किए गए संयुक्त प्रयास और धरना कार्यक्रम का असर अब दिखाई देने लगा है। पार्षदों की मांग पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम में आयुक्त की नियुक्ति सुनिश्चित की और इसके साथ ही नगर क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने का अभियान भी शुरू कर दिया गया है। इस पहल से शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर हित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर पार्षदों ने लगातार आवाज उठाई थी और बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की थी। प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए जाने के बाद अब नगर निगम की ओर से अभियान शुरू होने से आम जनता में संतोष का माहौल देखा जा रहा है। पार्षदों का कहना है कि वे नगर की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे और जनहित से जुड़े विषयों पर आगे भी एकजुट होकर संघर्ष करते रहेंगे। बंदरों की समस्या को नियंत्रण में रखने के लिए यह भी निर्णय लिया गया है कि यह अभियान नियमित रूप से प्रत्येक दो माह में चलाया जाएगा, ताकि स्थिति दोबारा गंभीर न हो सके। पार्षदों ने नगरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि शहर के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर मेयर अजय वर्मा के साथ पार्षद प्रदीप चंद्र आर्य, कुलदीप मेर, वैभव पांडे, चंचल दुर्गापाल, मधु बिष्ट, गुंजन सिंह चम्याल, दीपक कुमार, रोहित कार्की, हेमचंद तिवारी, जानकी पांडे, अनूप भारती, नवीन चंद्र आर्य, राधा मटियानी, तुलसी देवी, मुकेश कुमार डैनी, भूपेंद्र जोशी, रीना टम्टा, इंतिक्वाब आलम कुरैशी, गीता बिष्ट और कमला किरौला सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।

