
ऋषिकेश(आरएनएस)। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर रविवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वर्गाश्रम में जुलूस निकालकर यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विधायक पर घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी। रविवार को मूल निवास, भू-कानून संघर्ष समिति संयोजक लूशुन टोडरिया की अगुवाई में संगठनों के सदस्य स्वर्गाश्रम स्थित जानकी सेतु तिराहे पर जुटे। यहां से जुलूस की शक्त में वह नारेबाजी करते हुए लक्ष्मणझूला थाना पहुंचे। थाने के गेट पर भी प्रदर्शनकारियों को रोकने पर उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं को थाने के भीतर दाखिल होने दिया गया। इस दौरान समिति संयोजक लूशुन ने कहा कि अंकित भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चित और संवेदनशील मामला है। कहा कि रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलवाकर उसे ध्वस्त किया गया। आरोप लगाया कि बुलडोजर चलते समय विधायक रेणु बिष्ट घटनास्थल पर मौजूद थीं, जबकि, मामला न्यायालय और जांच एजेंसियों के विचाराधीन था। इस प्रकार की कार्यवाही से यह स्पष्ट है कि अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट की नीयत से यह सबकुछ किया गया, जिससे कि निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई। अधिवक्ता संदीप चमोली ने साक्ष्य मिटाने के आरोप में विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। चेताया कि दस दिनों में विधायक पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो डीजीपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में पहाड़ स्वाभिमान सेना अध्यक्ष पंकज उनियाल, राष्ट्रीय रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इस्टवाल,राकेश नेगी, पौड़ी बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक नमन चंदोला, आकांक्षा नेगी, कुसुम जोशी, देवेंद्र बेलवाल, मनवीर भंडारी, सुरेंद्र नेगी, लालमणि रतूड़ी, अनिल डोभाल, सुधीर राय, नरेंद्र सिंह नेगी, हिमांशु रावत, संजय सिलसवाल, विकास रयाल, अनीता कोठियाल आदि मौजूद रहे।


