
अल्मोड़ा (आरएनएस)। अंकिता हत्याकांड से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने और कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने की मांग की।
देर शाम चौघानपाटा में एकत्र हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि मामले में सच्चाई सामने लाने के बजाय प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि सरकार ने केवल दो-चार आरोपियों को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपाई, जबकि अपनी ही पार्टी से जुड़े बड़े नेताओं को बचाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिजन पहले ही असल आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर चुके हैं और अब सोशल मीडिया पर भी कई नए नाम सामने आ रहे हैं, इसके बावजूद सरकार निष्पक्ष जांच से बच रही है।
विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि यदि इस मामले में भाजपा से जुड़े किसी भी वीआईपी की भूमिका नहीं है, तो सरकार सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन में नगर अध्यक्ष ताराचंद्र जोशी, पूरन रौतेला, शोभा जोशी, गीता मेहरा, ताराचंद्र साहनी, गोपाल चौहान, विनोद वैष्णव, एनडी पांडे, हेम तिवारी, वैभव पांडे, रोबिन मनोज भंडारी, प्रीति बिष्ट, रोहित सत्याल, परितोष जोशी, जगदीश पांडे, राधा टम्टा, मनोज बिष्ट, वकुल साह, विपुल कार्की, जगदीश तिवारी, दीपेश कांडपाल आदि सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

