Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • सीपीसीबी ने लगाया पतंजलि, कोक, पेप्सिको, बिसलेरी पर करोड़ों रुपये का जुर्माना
  • देहरादून

सीपीसीबी ने लगाया पतंजलि, कोक, पेप्सिको, बिसलेरी पर करोड़ों रुपये का जुर्माना

RNS INDIA NEWS 11/02/2021
rns featured image new

देहरादून। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने पतंजलि, कोक, पेप्सिको और बिसलेरी पर भारी जुर्माना लगाया है। इन कंपनियों पर करीब 72 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। सीपीसीबी ने बिसलेरी पर 10.75 करोड़ रुपये, पेप्सिको इंडिया पर 8.7 करोड़ रुपये और कोका कोला बेवरेजेस पर 50।66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। पतंजलि पर एक करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगी है। वहीं एक अन्य कंपनी पर 85.9 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। यह जुर्माना प्लास्टिक कचरे के डिस्पोजल और कलेक्शन की जानकारी सरकारी बॉडी को नहीं देने के मामले में लगाया गया है। सीपीसीबी ने कहा है कि इन सभी को 15 दिनों में जुर्माने की रकम भरनी होगी। प्लास्टिक कचरों के मामलों में एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पांसिबिलिटी (ईपीआर) एक पॉलिसी पैमाना है, जिसके आधार पर प्लास्टिक का निर्माण करने वाली कंपनियों को प्रोडक्ट के डिस्पोजल की जिम्मेदारी लेनी होती है। हिंदुस्तान कोका कोला बेवरेज को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि यूनिट द्वारा पेश की गई कार्ययोजना के अनुसार, कुल प्लास्टिक अपशिष्ट उत्पादन 1.05 लाख टन प्रति वर्ष है, लेकिन अगस्त की अवधि के लिए तिमाही प्रगति रिपोर्ट के अनुसार 2019 से सितंबर 2020 तक, केवल 23,422 टन प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया है और उसका निपटान किया गया है। जबकि बिसलेरी पर 21,500 टन प्लास्टिक कचरे के लिए जुर्माना लगाया गया है। सीपीसीबी ने यह भी कहा कि त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत दस्तावेज उद्योग द्वारा ईपीआर दायित्व की पूर्ति के लिए कार्य योजना के कार्यान्वयन के साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन के लिए जानकारी प्रदान नहीं करते हैं। पतंजलि के मामले में, सीपीसीबी ने कंपनी को फरवरी और अगस्त में पत्र जारी किए थे, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सितंबर में सीपीसीबी को निर्देश दिया कि वह जबरदस्ती कार्रवाई करें।यूनिट के संचालन को बंद करने पर सीपीसीबी के कारण बताओ नोटिस के बाद, पतंजलि ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत पंजीकरण के बारे में सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज दाखिल करने के लिए अक्टूबर 2020 तक का समय मांगा था।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: आपदा में मृतकों के परिजनों को सहायता राशि अविलंब दी जाए: सीएम
Next: मेलाधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक ने की महाकुंभ की यातायात व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक

Related Post

rns featured image new
  • देहरादून

रोडवेज कर्मचारियों ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0
rns featured image new
  • देहरादून

नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप

RNS INDIA NEWS 11/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 13 जून
  • बाजपुर में नेता प्रतिपक्ष ने किया विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
  • चोरी की चार बाइकों के साथ दो अंतर्राज्यीय शातिर चोर गिरफ्तार
  • सराईखेत रोड पर पलटी कार, पुलिस ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला
  • रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 2.50 लाख की ठगी
  • धनगढ़ी पुल पर यातायात शुरू, बरसात में आवागमन की समस्या से मिलेगी राहत
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.