Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नजर
  • उत्तराखंड

साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नजर

RNS INDIA NEWS 18/01/2021
rns featured image new

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों पर एसटीएफ अंकुश लगाएगी। इसके लिए एसटीएफ को अलग से टास्क दिया गया है। इसके तहत एसटीएफ ने एक टीम गठित कर सेंट्रल पोर्टल से आने वाले मामलों की जांच में लगाया गया है। बीते एक माह में पूरे प्रदेश में 31 मुकदमे दर्ज हुए हैं।
गृह मंत्रालय का साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (सीसीआरपी) चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नजर रखता है। बीते दिनों सीसीआरपी ने उत्तराखंड से संबंधित 315 मामले पुलिस को भेजे थे। ये सभी वीडियो, फोटोग्राफ आदि थे जो उत्तराखंड में देखे और शेयर किए जा रहे थे। इनमें कंटेंट भी उत्तराखंड का ही बताया गया था। मसलन, बच्चे या अन्य कोई सामग्री।
एसटीएफ के अनुसार इस रिपोर्ट के बाद एक टीम गठित कर जांच में लगाई गई है। बीते एक माह से भी कम समय में एसटीएफ की टीम ने 50 से अधिक मामलों में जांच पूरी की है। इनमें से 31 मामलों में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अन्य मामले जो उत्तराखंड से संबंधित नहीं थे उनकी रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
यदि भूले से भी आप किसी ऐसी वेबसाइट या कंटेंट पर क्लिक करते हैं जिसमें बच्चों का शोषण आदि दिखाया जा रहा है तो सावधान हो जाएं। चाइल्ड पोर्नोग्राफी शेरयर करना ही नहीं बल्कि अपने मोबाइल या लैपटॉप पर देखना भी अपराध की श्रेणी में आता है। पोर्नोग्राफी के दायरे में ऐसे फोटो, वीडियो, लेख, ऑडियो व अन्य सामग्री आती है जिसकी प्रकृति यौन हो। यह नग्नता पर आधारित हो। ऐसी सामग्री को सोशल मीडिया पर वायरल करने या किसी को भेजने पर पोर्नोग्राफी निरोधक कानून लागू होता है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी को देखना भी गैर कानूनी माना जाता है।
एसएसपी, एसटीएफ अजय सिंह, का कहना है कि सीसीआरपी से उत्तराखंड को जो 315 मामले सौंपे गए थे, उनमें से 31 में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इन सभी मामलों में जांच कर रहा है। जल्द ही कुछ और मुकदमे भी दर्ज किए जा सकते हैं।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: पहाड़ का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट फरवरी में लगने जा रहा
Next: प्रवेश रद्द कराने की स्थिति में कॉलेजों को छात्रों की फीस लौटानी होगी

Related Post

job naukari employement
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • रोजगार

398 पदों पर निकली कनिष्ठ सहायक व वैयक्तिक सहायक भर्ती, 6 जुलाई तक होंगे आवेदन

RNS INDIA NEWS 15/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

प्रदेश में 88% गणना फार्म वितरित, अब डिजिटाईजेशन पर जोर

RNS INDIA NEWS 15/06/2026 0
rns featured image new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान भोलेनाथ एवं महाबली हनुमान जी की प्रतिमाओं का किया अनावरण

RNS INDIA NEWS 14/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 18 जून
  • परिचित ले उड़ा बीएमडब्ल्यू, खतरनाक ड्राइविंग कर कटवाए 19 चालान
  • नव निर्मित चालदा महासू मंदिर में शिखा, दिशा पूजन किया गया
  • वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी मिलने के एक वर्ष बाद भी नहीं हुआ निर्माण
  • केतन लाल हत्याकांड में दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : यूकेडी
  • ऊखीमठ में हुआ जन संवाद कार्यक्रम आयोजित
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.