
ऋषिकेश। गुरुवार को उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ऋषिकेश शाखा के मंत्री प्रदीप कुमार के नेतृत्व में रोडवेज डिपो कार्यालय में एकत्रित रोडवेज कर्मियों ने दिल्ली रूट पर सिर्फ नियमित परिचालकों की ड्यूटी लगाने की बाध्यता का पुरजोर विरोध किया। आक्रोशित रोडवेज कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि निगम प्रबंधन तुगलकी फरमान जारी कर रोडवेज कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है। केवल नियमित परिचालकों को दिल्ली रूट पर लगाने की बाध्यता समझ से परे है। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में ऋषिकेश डिपो के समस्त नियमित परिचालकों से पहले की तरह कार्य लिए जाने, ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर 368 किमी की अनिवार्यता समाप्त करने, ऋषिकेश-दिल्ली, गोपेश्वर, गुप्तकाशी, उत्तरकाशी, पौड़ी, घनशाली, बद्रीनाथ मार्ग पर पहले की तरह कार्य लिए जाने और ऋषिकेश, कानपुर, लखनऊ, रूपेडिया, आगरा, अमृतसर, टनकपुर रूट पर पूर्व की भांति ड्यूटी निर्धारित करने की मांग की। साथ ही मैदानी और मिश्रित और पर्वतीय मार्ग के लिए प्रतिदिन 280 किमी, 225 किमी और 175 किमी की बाध्यता समाप्त करने का विरोध जताया। रोडवेज कर्मियों ने एक स्वर में जल्द समस्याओं का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम और धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी ललित प्रसाद भट्ट को कर्मचारियों ने मांग पत्र भी सौंपा। प्रदर्शन में पूर्व अध्यक्ष जगदीश कुमार, अनूप बडोनी, धीरज पांडेय, संदीप कुमार, धीरज पाल आदि शामिल रहे।

