
रुद्रपुर। टनकपुर से लुधियाना जा रही निजी बस में क्षमता से दोगुने से अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाने का मामला सामने आया है। शनिवार रात किच्छा में सूरजमल कॉलेज के पास परिवहन विभाग की टीम ने जगदंबा ट्रैवल्स की बस को रोककर जांच की तो उसमें करीब 110 यात्री सवार मिले, जबकि बस की निर्धारित क्षमता 50 यात्रियों की थी। मामले में एआरटीओ हल्द्वानी जितेंद्र कुमार ने बस का 1,07,500 रुपये का चालान किया। साथ ही परमिट निरस्त करने और चालक का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है।
जांच के बाद यात्रियों को रात में रुद्रपुर बस स्टेशन लाया गया। रविवार सुबह सहायक महाप्रबंधक मधुसूदन मिश्रा के सहयोग से रोडवेज बसों की व्यवस्था कर सभी यात्रियों को लुधियाना रवाना किया गया।
यात्रियों ने बताया कि शुरुआत में एक सीट पर चार से पांच लोगों को बैठाया गया था। रास्ते में लगातार सवारियां चढ़ाई जाती रहीं और बाद में एक सीट पर सात से आठ यात्रियों को बैठाकर सफर कराया गया। विरोध करने पर संचालकों पर रास्ते में उतारने की धमकी देने का आरोप भी यात्रियों ने लगाया। भीड़ के कारण महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। यात्रियों ने मनमाना किराया वसूलने का आरोप भी लगाया।
रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। परिवहन विभाग की कार्रवाई को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
