
काशीपुर(आरएनएस)। उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर कूटरचित (फर्जी) स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र तैयार कराने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस और राजस्व प्रशासन ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया था। मामले में पुलिस ने गुरुवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। राजस्व उपनिरीक्षक अजमल खान की ओर से कोतवाली बाजपुर में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, मेडिकल छात्रों के दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि बाजपुर तहसील क्षेत्र से कई अभ्यर्थियों ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उत्तराखंड के स्थायी निवास और अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाणपत्र हासिल किए थे।
जांच के दौरान सामने आया कि पीलीभीत यूपी की नगर पंचायत बरखेड़ा कलां के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल ने अपने पुत्र अनुराग का दाखिला मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में कराने के लिए बिचौलियों को 50 हजार रुपये देकर बाजपुर के पते पर फर्जी ओबीसी और स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाया था। इसी तरह अन्य कई अभ्यर्थियों के लिए भी फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में शामिल आरोपी बाहरी जिलों के लोगों को बाजपुर में फर्जी तरीके से किरायेदार दर्शाते थे। आरोपी रोहित और अर्चना भारद्वाज फर्जी किरायेदार तस्दीक कराने और दस्तावेज जुटाने में मदद करते थे, जबकि शिवम माथुर और मो. आलम इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से प्रमाणपत्र तैयार करवाते थे। जांच में सभी फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त कर दिया गया है। एसएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि गुरुवार को मो. आलम निवासी सुल्तानपुर पट्टी, बाजपुर, श्याम बिहारी भोजवाल निवासी बीसलपुर, पीलीभीत, शिवम माथुर निवासी इज्जतनगर, बरेली, रोहित निवासी हरलालपुर, बाजपुर और अर्चना भारद्वाज निवासी मुड़ियाकला, बाजपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरोपियों के कब्जे से फर्जीवाड़े से जुड़े छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
