
रुद्रपुर(आरएनएस)। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक नारायण पाल के 21 सितंबर को बसगर में दिए बयान से नाराज ग्राम प्रधानों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। प्रधानों ने नगर के मुख्य चौक पर पूर्व विधायक नारायण पाल का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक ने बिना तथ्यों के बसगर के प्रधान पर धनराशि के गबन का आरोप लगाया है। महेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व विधायक ने ग्राम बसगर में स्वागत द्वार एवं सीसीटीवी लगाए जाने के प्रस्ताव के पैसे के गबन का आरोप लगाया, जो निराधार है। गांव में किसी भी विकास योजना के लिए सर्वप्रथम खुली बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास होते हैं। इसके बाद प्रस्तावों की कार्ययोजना बनाई जाती है। उन्होंने बताया कि एक वित्तीय वर्ष में एक ग्राम सभा से लगभग 20-30 लाख रुपये के कार्यों की कार्ययोजना बनाई जाती है। बसगर ग्रामसभा छोटी है, जिसमें एक वित्तीय वर्ष में लगभग आठ से नौ लाख रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिलती है। बजट कम होने के कारण प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए जाते हैं। बजट समाप्त होने पर शेष कार्ययोजना के प्रस्तावों को अगले वित्तीय वर्ष में रखा जाता है। कार्ययोजना में शामिल सभी प्रस्ताव ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होते हैं। पूर्व विधायक नारायण पाल ने पोर्टल पर कार्ययोजना के प्रस्ताव देखकर उन्हें निकालकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अपने आरोपों को सिद्ध करें, अन्यथा प्रधान संघ के समक्ष सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। प्रधानों ने नारायण पाल के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। इधर, पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि उन्होंने बसगर में लोगों की दिक्कतों को रखा और अफसरों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान के लिए कहा। कुछ जनप्रतिनिधि समाधान के बजाय उनके पुतले जलाकर अपनी नाकामी छिपा रहे हैं।
