
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, सत्यापन अभियान और सड़कों को गड्ढामुक्त करने समेत विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और आमजन को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के कारण जिन सड़कों को नुकसान पहुंचा है या मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों और ड्रेनेज व्यवस्था का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य प्राथमिकता से शुरू किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया जाए। प्रत्येक जिले में इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समिति गठित की जाए और कार्यों की नियमित निगरानी हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में भी तेजी लाने को कहा। उन्होंने उन क्षेत्रों और गांवों में प्राथमिकता से शिविर लगाने के निर्देश दिए, जहां अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये शिविर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का माध्यम हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की नियमित समीक्षा, सत्यापन अभियान में तेजी और राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं में अपात्र लाभार्थियों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच वर्ष पूरे कर चुकी और खराब स्थिति वाली सड़कों को भी चिन्हित कर उनके डामरीकरण एवं सुधार की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों में तेजी लाने, कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने तथा नशे की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने तथा कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल राजीव स्वरूप समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।
