स्वास्थ्य विभाग के फर्जी अफसर बन टेंडर दिलाने का झांसा, 10.38 लाख की ठगी

स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में ऊंची पहुंच का दावा कर दो जालसाजों ने ऐंठी रकम, दो लाख लौटाए, 10.38 लाख अब भी बकाया
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग और सचिवालय में टेंडर व अन्य सरकारी काम दिलाने का झांसा देकर दो जालसाजों ने एक व्यक्ति से 10.38 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी बताकर पीड़ित को अपने प्रभाव में लिया और अलग-अलग किश्तों में रकम हासिल की। पीड़ित की तहरीर पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग में ऊंची पहुंच का किया दावा
नेहरू कॉलोनी के इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान के अनुसार रेसकोर्स निवासी चंदन सिंह रावत ने पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात अतुल घुघत्याल से हुई थी। अतुल ने खुद को स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय में कार्यरत बताते हुए शासन में अपनी ऊंची पहुंच होने का दावा किया। इसके बाद उसने चंदन की मुलाकात प्रकाश मेहरा से कराई।
एनएचएम निदेशक बनकर दिया झांसा
आरोप है कि प्रकाश मेहरा ने खुद को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का निदेशक डॉ. प्रकाश नेगी बताया। दोनों आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग और सचिवालय में टेंडर समेत अन्य सरकारी काम आसानी से कराने का भरोसा दिलाया। उनके प्रभाव में आकर चंदन ने अलग-अलग किश्तों में 6.50 लाख रुपये नकद और 5.88 लाख रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
12.38 लाख लेने के बाद लौटाए सिर्फ दो लाख
चंदन के अनुसार आरोपियों ने कुल 12.38 लाख रुपये लेने के बाद भी कोई काम नहीं कराया। काफी दबाव बनाने पर आरोपियों ने केवल दो लाख रुपये वापस किए। इस तरह 10.38 लाख रुपये अब भी बकाया हैं। रकम वापस मांगने पर अतुल द्वारा अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
असली नाम बहादुर सिंह होने का दावा
तहरीर में बताया गया है कि आरोपी अतुल का असली नाम बहादुर सिंह है और वह मूल रूप से सल्ट, जिला अल्मोड़ा का निवासी बताया जा रहा है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश के साथ ही मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।


