
उत्तरकाशी(आरएनएस)। यमुनोत्री धाम के विकास के नाम पर भले ही भारी भरकम बजट खर्च किया जा रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। यमुनोत्री में गरुड़ गंगा के समीप करीब 60 लाख रुपये की लागत से बना हेलिपैड पिछले एक साल से अधूरा पड़ा है और अब तक भी हेली सेवाओं का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। मानकों के अनुरूप न होने के बावजूद पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हेलिकॉप्टर एक दिन यहां उतरा था। इसके बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने आपत्ति दर्ज करते हुए हेलिपैड के उपयोग पर रोक लगा दी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और तीर्थपुरोहितों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि यमुनोत्री धाम में गुणवत्ता के साथ सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाए और लाखों रुपये की लागत से बने हेलिपैड पर हेली सेवा शुरू कराई जाए। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल और पंचपंडा समिति के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन उनियाल ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर यमुनोत्री धाम के साथ छलावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धाम में स्नान घाट और सुरक्षा व्यवस्था जैसे जरूरी कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं जबकि करीब 40 दिन बाद यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू होने वाली है। मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त के आश्वासन के बावजूद मंदिर परिसर के आसपास अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम अनुकूल रहने के बावजूद भी निर्माण कार्य नहीं कराया गया।

