Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • वीपीडीओ घोटाला मामले में आरोपी बने भर्ती घपलों में जेल में बंद तीन आरोपी
  • देहरादून

वीपीडीओ घोटाला मामले में आरोपी बने भर्ती घपलों में जेल में बंद तीन आरोपी

RNS INDIA NEWS 11/10/2022
default featured image

देहरादून। यूकेएसएसपी और वन दरोगा भर्ती घपले में आरोपी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन कंपनी के मालिक राजेश चौहान, उसके भाई और एक कर्मचारी को वीपीडीओ भर्ती घपले में आरोपी बनाया गया है। इन तीनों की पुलिस इस केस में मंगलवार को 14 दिन की रिमांड हासिल की। यह आरोपी पूर्व से ही दूसरे केसों में जेल में बंद हैं। इस घपले में आरबीएस रावत समेत कुल नौ आरोपी गिरफ्तार सूची में शामिल हैं। वर्ष 2016 में हुई वीपीडीओ (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) भर्ती परीक्षा में धांधली का पता चलते ही इसे निरस्त कर दिया गया था। उस वक्त शासन स्तर पर बनी एडीजी की अध्यक्षता में समिति से इसकी जांच कराई गई थी। वर्ष 2019 में जांच विजिलेंस को सौंप दी गई, जिसके बाद विजिलेंस ने जनवरी 2020 में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। तब से अब तक एक भी आरोपी को विजिलेंस गिरफ्तार नहीं कर पाई। बीते 25 अगस्त को इस मुकदमे की जांच एसटीएफ को मिली। एसटीएफ ने ओएमआर शीट की फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और पहले जेल जा चुके आरोपियों के बयानों के आधार पर तत्कालीन अध्यक्ष आरबीएस रावत, सचिव एमएस कन्याल और परीक्षा नियंत्रक आरएस पोखरिया को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान पता चला था कि इस परीक्षा की ओएमआर शीट आरएमएस कंपनी ने ही स्कैन की थीं। इसके लिए कंपनी के मालिक राजेश चौहान, उसका भाई संजीव चौहान और एक कर्मचारी विपिन बिहारी भी इनसे मिले हुए थे। जिस मकान में फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया वहां पर आयोग के तीनों अधिकारियों समेत विपिन बिहारी, सीईओ राजेश पाल समेत सात लोग मौजूद थे। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पहले दर्ज किए जा चुके बयानों और संकलित साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को राजेश चौहान, उसके भाई संजीव चौहान और विपिन बिहारी को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया था। इन तीनों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: रोडवेज में मृतक आश्रितों को जल्द मिले नियुक्ति
Next: चोरों ने शिक्षक दंपति के बंद घर को बनाया निशाना

Related Post

default featured image
  • देहरादून

रोड कटिंग शर्तों का उल्लंघन, यूपीसीएल की अनुमति निरस्त

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0
default featured image
  • देहरादून

अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0
default featured image
  • देहरादून

फीचर फिल्म ‘माँ सुरकण्डा’ का पोस्टर लोकार्पित

RNS INDIA NEWS 02/02/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 03 फरवरी
  • तीन उद्योगों को अंतिम नोटिस जारी, आवंटन निरस्त होगा
  • रोड कटिंग शर्तों का उल्लंघन, यूपीसीएल की अनुमति निरस्त
  • अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
  • फीचर फिल्म ‘माँ सुरकण्डा’ का पोस्टर लोकार्पित
  • एक साल में ही उखड़ गया संग्राली मोटर मार्ग का डामर

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.