

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शासन स्तर पर संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि इस बार जिलों में तैनात अधिकारियों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है और तीन से चार जिलों के जिलाधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। इसके अलावा अपर जिलाधिकारी (एडीएम), उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) स्तर पर भी बदलाव संभव बताए जा रहे हैं। हालांकि, सरकार या शासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
चर्चाओं के अनुसार, संभावित फेरबदल में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। लंबे समय से एक ही पद या स्थान पर तैनात अधिकारियों के कार्यकाल की समीक्षा के साथ जिलों की प्रशासनिक जरूरतों और विकास कार्यों की निगरानी को भी ध्यान में रखा जा सकता है। शासन स्तर पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों और जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
चुनाव से पहले अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात प्रत्येक अधिकारी का तबादला अनिवार्य नहीं है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत चुनाव से जुड़े अधिकारियों की तैनाती की समीक्षा पद, चुनावी जिम्मेदारी और लागू नियमों के आधार पर की जाती है।
फिलहाल संभावित तबादला सूची सार्वजनिक नहीं हुई है और न ही किसी अधिकारी के नाम पर अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि हुई है। ऐसे में प्रशासनिक हलकों की नजर शासन के अगले फैसले पर टिकी है।




