
उत्तरकाशी(आरएनएस)। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और वीआईपी को फांसी देने की मांग को लेकर बड़कोट नगर क्षेत्र में उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, जिला मुख्यालय में नागेंद्र सकलानी शहादत दिवस पर विभिन्न संगठनों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की। रविवार को बड़कोट नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में विभिन्न संगठन से जुड़े लोगों एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की। वहीं जिला मुख्यालय में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने हनुमान चौक पर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीपीआई के महावीर प्रसाद भट्ट ने कहा कि सरकार जल्द ही अंकिता भंडारी को न्याय नहीं देती है तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर यूकेडी के विष्णुपाल सजवाण, संतोष सेमवाल, पुरूषोत्तम, किशन सिंह, लक्ष्मण रावत, जयपाल सिंह, कमल सिंह, दिवाकर भट्ट आदि मौजूद रहे।
उत्तरकाशी में बाजार बंद का रहा मिलाजुला असर: उत्तरकाशी में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। सुबह से ही बाजार में कुछ दुकानों को छोड़कर अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। बाजार बंद रहने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर एक बजे के बाद बाजार की दुकानें खुलनी शुरू हुई। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि व्यापार मंडल अंकिता के परिजनों के साथ है। कहा कि यह बंद पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहा। इसका उद्देश्य केवल यह था कि अंकिता भंडारी को जल्द से जल्द न्याय मिले। इस बंद में किसी भी राजनीतिक दल का कोई दबाव नहीं था। कई व्यापारियों ने स्वयं बंद के समर्थन में अपनी राय दी थी। व्यापारियों की सहमति और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बाजार बंद रखा गया। बाजारों में शांति एवं सुरक्षा को लेकर पुलिस फोर्स भी तैनात दिखाई दी। बाजार बंद को यूकेडी, कांग्रेस, सीपीआई सहित विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों का भी समर्थन रहा।
वीवीआईपी को फांसी की सजा की मांग : जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मनरेगा बचाओ महासंग्राम, काम का अधिकार और अंकिता हत्याकांड में शामिल वीवीआईपी को फांसी की सजा की मांग को लेकर धरना दिया। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत के नेतृत्व में गांधी वाचनालय से कोर्ट रोड होते हुए विश्वनाथ चौक से भैरव चौक होते हुए भटवाड़ी रोड से हनुमान चौक तक जुलूस निकाला। मनरेगा का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था। यह उनका सम्मान था लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने यह नाम बदलकर छोटी राजनीति का उदाहरण दिया है। कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड में वीवीआईपी को फांसी की सजा की मांग की है। इस मौके पर कनकपाल परमार, कमल रावत, मनीष राणा, सुधीश पंवार, पपेन्द्र नेगी, दीवाकर भट्ट आदि मौजूद रहे।
