

देहरादून(आरएनएस)। कैबिनेट बैठक के लिए तैयार किए जाने वाले प्रस्तावों में लगातार खामियां सामने आने पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागीय प्रमुख सचिव और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि कैबिनेट प्रस्ताव मानक के अनुसार ही तैयार किए जाएं। हाल के दिनों में कई प्रस्ताव ऐसे आए जिनमें परामर्शी विभागों—जैसे वित्त, कार्मिक और न्याय—की राय शामिल नहीं थी। कई बार विषय स्पष्ट नहीं होता और प्रतिकूल टिप्पणियों पर विभाग अपना पक्ष भी नहीं रखते। इससे कैबिनेट चर्चा के दौरान असमंजस की स्थिति बन जाती है और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय टल जाता है। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी प्रस्ताव समय से ई-कैबिनेट पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। इसमें संबंधित विभागों की टिप्पणियां और नोटशीट अनिवार्य रूप से शामिल करनी होंगी। साथ ही यदि कोई अधिकारी अवकाश पर है या बैठक में शामिल नहीं हो सकता, तो इसकी सूचना मंत्रिपरिषद अनुभाग को समय पर देनी होगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी मुख्य सचिव ने इसी तरह के निर्देश जारी किए थे, ताकि प्रस्तावों की गुणवत्ता सुधारी जा सके। अब एक बार फिर उन्होंने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को तय मानकों का पालन करना होगा।


