Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • उत्तराखंड में तीन हजार मीटर की उंचाई पर मिली हिमालयन रेड फॉक्स की उपप्रजाति
  • उत्तराखंड

उत्तराखंड में तीन हजार मीटर की उंचाई पर मिली हिमालयन रेड फॉक्स की उपप्रजाति

RNS INDIA NEWS 13/05/2021
rns featured image new

देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ जिले में मुनस्यारी के भुजानी और खलिया टॉप क्षेत्रों में 3000 मीटर की उंचाई पर वल्पस वल्पस ग्रिफिथी के नाम से जानी जाने वाली हिमालयन रेड फॉक्स की एक उप प्रजाति मिली है । एक गैर सरकारी संगठन ने इसकी जानकारी दी है। पिछले 10 साल से उच्च हिमालयी पशुओं के संरक्षण के लिए काम कर रहे पशु प्रेमी और गैर सरकारी संगठन मोनाल के अध्यक्ष सुरेंद्र पंवार ने बताया, हिमालयन रेड फॉक्स की यह उप प्रजाति हाल के वर्षों में पहली बार अपने प्राकृतिक आवास से करीब 500 मीटर नीचे 3000 मीटर की उंचाई पर देखी गयी है।
पंवार ने बताया कि दो साल तक खाक छानने के बाद हिमालयी क्षेत्र की इस उंचाई पर अभी तक वह रेड फॉक्स की कम से कम आठ उप प्रजातियां देख चुके हैं। सामान्यत: शर्मीले माने जाने वाले इन पशुओं के कम उंचाई पर ज्यादा दिखने के कारण पूछे जाने पर पंवार ने कहा कि ऐसा उनके प्राकृतिक आवास में किसी अशांति के कारण हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इन पशुओं ने संभवत: हिमालयी क्षेत्रों में बचे खुचे भोजन पर अपना गुजारा करने के लिए नीचे बसी मानवीय बस्तियों की ओर आना शुरू किया हो। हांलांकि, पिथौरागढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी विनय भार्गव ने वल्पस वल्पस ग्रिफिथि जैसे दुर्लभ उच्च हिमालयी पशुओं तथा मोनाल पक्षियों के ज्यादा दिखाई देने को लगातार चलाए जा रहे संरक्षण प्रयासों का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, इन दुर्लभ जीवों के संरक्षण के लिए हमारे जागरूकता कार्यक्रमों के कारण दुर्लभ हिमालयी पक्षियों और पशुओं के झुंडों की संख्या बढी है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: स्टेज कैरिज की बसों के संचालकों को सहायता राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा
Next: होम्योपैथिक बेरोजगार डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ ने नियुक्ति की मांग

Related Post

WhatsApp Image 2026-07-16 at 16.34.29_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

हरेला पर मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ, जागेश्वर क्षेत्र के लिए कीं आठ बड़ी घोषणाएं

RNS INDIA NEWS 16/07/2026 0
748514315_1511053496863326_3861189146975503688_n_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने किया जागेश्वर श्रावणी मेले का शुभारंभ, हरेला पर पौधरोपण का दिया संदेश

RNS INDIA NEWS 16/07/2026 0
WhatsApp Image 2026-07-16 at 15.42.46_11zon
  • अल्मोड़ा
  • उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने वृद्ध जागेश्वर में की पूजा-अर्चना, डेढ़ क्विंटल की घंटी की भेंट

RNS INDIA NEWS 16/07/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 17 जुलाई
  • फर्जी आईपीएस बनकर करोड़ों के सपने बेचने वाला यशोवर्धन गिरफ्तार
  • 2031 तक पूरा करें लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण: मुख्य सचिव
  • शक्ति नहर में डूबे युवक का पांच दिन बाद मिला शव
  • हरेला पर हरिद्वार पुलिस ने शुरू किया 10 हजार पौधारोपण का अभियान
  • शैक्षिक प्रगति ही संस्थान की उन्नति का मूल आधार: कुलपति
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.