
देहरादून(आरएनएस)। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के चर्चित घोटाले में पुलिस ने तत्कालीन सॉफ्टवेयर इंजीनियर गणेश जैन को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्तमान में दिल्ली के जेन बैंक में आईटी अफसर के पद पर नौकरी कर रहा था। वहां से गिरफ्तार कर उसे दून लाया गया। शहर कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि 52 वर्षीय गणेश जैन पुत्र महेश चंद मूल निवासी सेक्टर 99 गुरुग्राम, हाल निवासी चंदरनगर, देहरादून इस पूरे फर्जीवाड़े का तकनीकी मास्टरमाइंड था। आरोप है कि उसने तत्कालीन शाखा प्रबंधक महावीर सिंह और अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक के सॉफ्टवेयर में फर्जी एंट्री कर करोड़ों रुपये निजी खातों में ट्रांसफर किए। इन लोगों ने 20 जेसीबी मशीनें खरीदने के नाम पर बैंक से चार करोड़ 80 लाख रुपये का फर्जी लोन पास कराया और पूरी रकम डकार ली। फॉरेंसिक ऑडिट में वर्ष 2013 से 2016 के बीच हुए इस घोटाले का खुलासा हुआ था। बीते 15 मई को शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने 11 जून को तत्कालीन मैनेजर महावीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस टीम ने दिल्ली में दबिश दी और बुधवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर गणेश जैन को धर दबोचा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
