Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • उम्मीदवारों के अपराधिक रिकॉर्ड मामले पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत
  • न्यायालय
  • राष्ट्रीय

उम्मीदवारों के अपराधिक रिकॉर्ड मामले पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट सहमत

RNS INDIA NEWS 18/01/2022
rns featured image new

नई दिल्ली (आरएनएस)। उच्चतम न्यायालय चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों के आपराधिक विवरण सार्वजनिक नहीं करने पर संबंधित राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द करने की मांग संबंधी एक जनहित याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए मंगलवार को सहमत हो गया।
याचिकाकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं वकील अश्वनी कुमार उपाध्याय ने आज मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष विशेष उल्लेख के तहत से शीघ्र सुनवाई की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने का हवाला देते हुए सोमवार को दायर की गई अपनी याचिका को तत्काल सुनवाई योग्य बताते हुए शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाई थी।
याचिकाकर्ता ने बताया, :याचिका में उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई गई है कि न्यायालय निर्वाचन आयोग को यह निर्देश दे कि वह समाजवादी पार्टी (सपा) समेत उन राजनीतिक दलों के पंजीकरण रद्द कर दे, जो चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा नहीं करते हैं।: उपाध्याय ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कैराना निर्वाचन क्षेत्र से सपा ने नाहिद हसन को चुनावी मैदान में उतारने घोषणा की है। उनका आरोप है कि हसन एक गैंगस्टर है लेकिन सपा ने इस उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड को समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित नहीं किया, और न ही उसके चयन की वजह बतायी है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जानकारी नहीं देना उच्चतम न्यायालय के फरवरी 2020 के फैसले के खिलाफ है। उपाध्याय का कहना है कि अपने फैसले में शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करते वक्त राजनीतिक दलों के लिए संबंधित व्यक्ति का अपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करना अनिवार्य है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: सुप्रीम कोर्ट ने पूनम पांडे की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
Next: पीएम को टारगेट कर साजिश रच रहे आतंकी

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध बरकरार रखा

RNS INDIA NEWS 19/06/2026 0
rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 26 जून
  • कुंभ और कांवड़ से पहले एनएचएआई को अल्टीमेटम
  • आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 45 हजार का लोन स्वीकृत कराया
  • महिला कोतवाली और चौखुटिया पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
  • बालिकाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने पर जोर, स्कूलों में नशा विरोधी काउंसलिंग के निर्देश
  • महापौर व पार्षदों ने लिया दो दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.