
ऋषिकेश। तोताघाटी में लंबे समय से भूस्खलन की समस्या बनी हुई है, इसके चलते आए दिन यातायात बाधित हो रहा है। अब इसके स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी में पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के उपचार में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड तकनीकी मदद करेगा। टीएचडीसी के महाप्रबंधक डिजाइन अतुल जैन ने बताया कि जहां-जहां सडक़ें अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो रही हैं उनके बारे में मंत्रालय की ओर से टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को अवगत कराया जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखंड के भीतर 150 साइट ऐसी है जिस पर टीएचडीसी काम कर रही है। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चंबा रोड में 12 साइट है जिनका सर्वे किया गया है। राज्य में अब तक करीब 60 से अधिक साइट का सर्वे किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी भूस्खलन की दृष्टि से काफी संवेदनशील है। इसके ट्रीटमेंट का डिजाइन तैयार करने के लिए सर्वे किया जा चुका है। तोताघाटी में छह स्थान ऐसे हैं जिनका ट्रीटमेंट किया जाना है। अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में टीएचडीसी तोताघाटी के ट्रीटमेंट का डिजाइन तैयार कर मंत्रालय को सौंप देगा। जोशीमठ तक कई अन्य क्षेत्रों का सर्वे किया जाना अभी बाकी है। महाप्रबंधक ने बताया कि जहां चट्टानों के आकार और प्रकार को देखकर ही ट्रीटमेंट का डिजाइन तैयार किया जा रहा है।

