
उत्तरकाशी(आरएनएस)। ताबांखानी से कूड़ा डंपिंग जोन हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे स्थानीय लोगों और उत्तराखंड क्रांति दल सहित विभिन्न संगठन के लोगों ने नगर क्षेत्र में प्रदेश सरकार की शव यात्रा निकाली। उन्होंने स्थानीय मुद्दे के साथ अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच और आपदा प्रभावित धराली के ग्रामीणों के पुनर्वास और उचित मुआवजा की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विगत 18 दिनों से ताबांखानी से कूड़ा डंपिंग जोन हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गोपीनाथ रावत और उनके साथियों से ईओ शालिनी चित्राण सहित कोतवाली पुलिस वार्ता के लिए पहुंचे। वहां पर उन्होंने कहा कि कूड़ा वहां से हट रहा लेकिन आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक कूड़ा पूरा नहीं हट जाता। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसलिए अधिकारियों को निराश ही वापस लौटना पड़ा। उसके बाद वहां पर समर्थन में पहुंचे उत्तराखंड क्रांति दल और अन्य संगठनों के लोग भी पहुंचे। उसके बाद उन्होंने वहां पर संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार की शव यात्रा निकाली। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच और वीवीआईपी के नाम को उजागर करने और आपदा प्रभावित धराली गांव के ग्रामीणों के पुनर्वास और उचित मुआवजा की मांग को लेकर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि पहाड़ की बेटी को अभी तक न्याय नहीं मिला है। प्रदेश सरकार बड़े दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर धराली में आपदा को आए हुए पांच माह से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक किसी भी प्रभावित को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। शवों को ढूंढने तक की कोशिश नहीं की। इस मौके पर विष्णुपाल रावत, सागर भंडारी, अजय पंवार, दिनेश सेमवाल, सुधीश पंवार, भगवान चंद, जावेद खान, संतोष सेमवाल, आशीष, अभिषेक राणा, प्रशांत बिष्ट, संदीप पंवार, शैलेंद्र पंवार आदि मौजूद रहे।

