Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • स्वेज नहर में फंसे विशालकाय कंटेनर शिप की वजह से लगा भीषण ट्रैफिक जाम, मुश्किल में अर्थव्यवस्था
  • राष्ट्रीय

स्वेज नहर में फंसे विशालकाय कंटेनर शिप की वजह से लगा भीषण ट्रैफिक जाम, मुश्किल में अर्थव्यवस्था

RNS INDIA NEWS 27/03/2021
rns featured image new

हर घंटे हो रहा 312 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली, 27 मार्च। स्वेज नहर को लेकर पिछले दो दिन से लगातार चर्चा हो रही है। यहां पर विशालकाय आकार का एक कार्गो शिप एमवी एवर गिवेन फंस गया है। इस जहाज की वजह से अब ट्रैफिक रुक गया है और जो ट्रैफिक रुका है उसकी वजह से करीब 10 बिलियन डॉलर की कीमत का सामान पहुंच नहीं पा रहा है। कहा जा रहा है कि अगर जल्द इस समस्या का हल नहीं निकला तो फिर एशिया और यूरोप के देशों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गुरुवार तक इसे निकाले जाने के प्रयास जारी थे और हर कोशिश विफल ही रही। इस जहाज पर सवार क्रू में सभी भारतीय हैं तो शिप की कैप्टन इजिप्ट की हैं।इजिप्ट की कैप्टन मारवा एल सेलेहैदर एमवी एवर गिवेन को कमांड कर रही हैं। इस जहाज की वजह से रास्ता बंद हो गया है और माना जा रहा है कि क्षेत्र में तनाव भी बढ़ सकता है। एमवी एवर गिवेन के जापानी मूल के मालिक ने लिखित में माफी मांगी है।
जहाज के मालिक शोइए किसेन काइसा लिमिटेड की तरफ से कहा गया है कि हम इस जहाज को निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जितनी जल्दी हो सके इस स्थिति को सुलझाने की कोशिशें कर रहे हैं। हम इस घटना की वजह से प्रभावित हुई सभी पार्टियों से माफी मांगते हैं जिसमें वो जहाज भी शामिल हैं जिन्हें स्वेज नहर के रास्ते से होकर गुजरना है। जहाज पर कितने भारतीय हैं और वो कहां से हैं इस बारे में अभी तक कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है। शिप पर दो कैप्टन हैं और दोनों ही इजिप्ट के हैं।
स्वेज नहर भूमध्य सागर और लाल सागर को आपस में जोड़ती है। यूरोप और एशिया के बीच होने वाले व्यापार के लिए यह किसी शॉर्ट कट की तरह है। स्वेज नहर से दुनिया का 10 प्रतिशत ट्रेड गुजरता है और यह करीब 193 किलोमीटर लंबी है। वो जहाज और टैंकर्स जिन्हें अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से के करीब से होकर गुजरना होता है वो इसी स्वेज नहर से होकर जाते हैं।
शिपिंग जनरल लॉयड्स लिस्ट की तरफ से बताया गया है कि रोजाना इस रास्ते से करीब 10 बिलियन डॉलर यानी 7500 करोड़ रुपये (हर घंटे 312 करोड़ रुपये) का सामान गुजरता है। इसमें से 5.1 बिलियन डॉलर सामान पश्चिमी दिशा की तरफ तो 4.5 बिलियन डॉलर का सामान पूर्व दिशा की तरफ जाता है।
स्वेज नहर पर एक तिहाई ट्रैफिक कंटेनर शिप्स का होता है। लॉयड्स का मानना है कि 50 से ज्यादा जहाज औसतन एक दिन में गुजरते हैं और वो करीब 1.2 बिलियन टन का कार्गो लेकर जाते हैं। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर शरत गणपति ने बताया कि एशिया और यूरोप जब सामान भेजने की बात होती है तो न तो सडक़ का कोई रास्ता है और न ही रेल नेटवर्क है।
ऐसे में सिर्फ स्वेज नहर ही आखिरी विकल्प है। भारत की तरफ से आने वाला कपास जिनसे कपड़े बनते हैं, मिडिल ईस्ट से आने वाले पेट्रोलियम पदार्थ जो प्लास्टिक के लिए उपयोग होते हैं और चीन से आने वाले ऑटो पार्ट्स, ये सभी यूरोपियन प्रॉडक्ट्स के लिए बहुत ही जरूरी हैं। अब रास्ता बंद होने की वजह से ये यूरोप फिलहाल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
ओरगॉन यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर फू कुन के मुताबिक स्वेज नहर के ब्लॉक होने से अमेरिका पर कोई असर नहीं पड़ेगा जिसे पश्चिमी तट पर एशिया से आने वाले ज्यादातर शिपमेंट्स मिलते हैं, लेकिन यूरोप से आने वाला आयात प्रभावित हो जाएगा। इस ब्लॉकेज की वजह से खाली कंटेनर्स को एशिया वापस आने में काफी समय लगेगा।
एक कंटेनर की कमी से महामारी के समय मांग पर खासा असर पड़ेगा और इससे महंगाई भी बढ़ सकती है। स्वेज नहर पर जो स्थिति है उसकी वजह से सप्लाई चेन पर भी खासा असर पडऩे की आशंका जताई गई है। मूडीज एनालिटिक्स के चीफ इकोनॉमिस्ट मार्क जैंदी की मानें तो अगर यह ब्लॉकेज ज्यादा हफ्तों या फिर कई माह तक नहीं चला तो फिर कोई दिक्कत नहीं आएगी। हां, तेल की कीमतों में हल्का इजाफा जरूर हो सकता है।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: कश्मीर को अशांत रखने के लिए पर्रा ने गिलानी के दामाद को दिए थे 5 करोड़
Next: 212 पेटी उत्तराखंड ब्रांड की अंग्रेजी शराब के साथ लोडर चालक गिरफ्तार, वाहन सीज

Related Post

rns featured image new
  • राष्ट्रीय

भांजी से बात करने की खौफनाक सजा, मामाओं ने बीच सड़क पर युवक पर चढ़ा दी कार

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-13 at 18.54.51
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में आईएमए की पासिंग आउट परेड संपन्न, 515 कैडेट बने सैन्य अधिकारी

RNS INDIA NEWS 13/06/2026 0
WhatsApp Image 2026-06-12 at 21.33.22
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • राष्ट्रीय

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक

RNS INDIA NEWS 12/06/2026 0

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • अल्मोड़ा में यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
  • बैरागीवाला हत्याकांड: आगजनी, पथराव के बाद गांव में भारी तनाव, चार आरोपी गिरफ्तार
  • देहरादून में युवक की हत्या के बाद तनाव, इंटरनेट सेवा बंद
  • राशिफल 14 जून
  • नशा मुक्त भारत पखवाड़े के तहत दन्या पुलिस का जागरूकता अभियान
  • धोखाधड़ी कर प्लॉट बेचने के आरोप में छह लोगों पर मुकदमा
Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.