
देहरादून। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय से जुड़े विवाद के बाद रायपुर क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। भाजपा महानगर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लिखित बयान पढ़ते हुए पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बताया कि 21 फरवरी 2026 को वह अपने विधानसभा क्षेत्र के एक विद्यालय के नामकरण से जुड़े प्रस्ताव के सिलसिले में रायपुर स्थित शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। उनके अनुसार यह मांग उस परिवार की ओर से की गई थी, जिसने विद्यालय निर्माण के लिए करीब डेढ़ बीघा भूमि दान की थी। दानदाता पदम सिंह रावत के नाम पर विद्यालय का नाम रखे जाने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित था।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। उनका कहना था कि उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में माहौल शांत करने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच घटना घटित हो गई, जिस पर उन्होंने खेद जताया। विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका किसी का अपमान करने का कोई उद्देश्य नहीं था।
उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में उन्हें हमेशा अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग मिला है और उन्होंने भी सभी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखा है। इस घटना से उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख हुआ है और उन्होंने संबंधित पक्षों से माफी मांगी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अधिकारी-कर्मचारियों के हितों तथा कानून व्यवस्था को लेकर प्रतिबद्ध हैं। विधायक ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने और आपसी संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।

