
अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक स्थित दरिमा गांव में बुधवार को संतुलित उर्वरक उपयोग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। कार्यक्रम “संतुलित उर्वरक उपयोग पर गहन अभियान” के तहत आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी गई।
किसान गोष्ठी में 15 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 14 पुरुष और एक महिला शामिल रही। संस्थान की टीम ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैव उर्वरकों जैसे वैकल्पिक स्रोतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा परीक्षण कराने की सलाह देते हुए कहा कि इससे फसलों की वास्तविक पोषक तत्व आवश्यकता का पता लगाया जा सकता है और उर्वरकों का उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को टमाटर और शिमला मिर्च की पौध भी वितरित की गई। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. कामिनी बिष्ट और डॉ. महेंद्र सिंह भिंडा ने किया।


