Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • समुद्र किनारे मिली चीज को लाना मां-बेटी को पड़ा महंगा
  • उत्तराखंड

समुद्र किनारे मिली चीज को लाना मां-बेटी को पड़ा महंगा

RNS INDIA NEWS 14/12/2020
default featured image

लंदन। ब्रिटेन के केंट में रहने वाली एक मां-बेटी द्वितीय विश्व युद्ध के दौर के ग्रेनेड को घर ले आई, जिसके बाद ग्रेनेड किचन में फट गया। दोनों की किस्मत अच्छी थी कि वे बच गईं। बताया रहा है कि 38 साल की जोडी क्रूज और उनकी 8 साल की बेटी इसाबेला को समुद्र किनारे ये अनोखी चीज मिली थी।
जोडी और इसाबेला को शुरुआत में लगा कि ये कोई प्राचीन जीवाशम है या किसी जानवर की हड्डी है। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि ये एक 80 साल पुराना ग्रेनेड भी हो सकता है। जोडी ने एक निजी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि मैंने इसकी तस्वीरें पुरातत्व विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की थी ताकि ये पता चल सके कि आखिर ये क्या चीज है। कई लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं, लेकिन किसी को किसी इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि ये एक ग्रेनेड है।
उन्होंने कहा कि दिखने में वो एक हड्डी की तरह लग रहा था। वो ज्यादा भारी भी नहीं था और वो कहीं से भी मेटल जैसा नहीं लग रहा था। मैं इसे घर ले आई और फिर सोशल मीडिया पर कुछ रिसर्च करने के बाद मैंने इसमें पिन लगाया। मैंने जैसे ही ऐसा किया इसका एक हिस्सा पिघलने लगा और फिर ये पूरी चीज एक आग के गोले में तब्दील हो गई और हमारे डाइनिंग रूम में धुआं होने लगा। जिसे देखर मेरी बेटी चिल्लाई और पीछे के दरवाजे से भाग गई। मैंने ग्रेनेड को पकड़ा और उसे बहुत तेजी से भागकर किचन के सिंक में फेंक दिया जहां विस्फोट हो गया। हमारी किस्मत अच्छी थी क्योंकि ये कई गुना ज्यादा शक्तिशाली और खतरनाक हो सकता था। मेरे दिमाग में सबसे पहले ख्याल आया था कि अपनी बेटी, अपने घर, चार कुत्तों और दो बिल्लियों को कैसे बचाऊं। मेरी बेटी गार्डन में भाग चुकी थी तो मैं दौडक़र अपनी बिल्लियों की मदद के लिए पहुंची थी। हमारी किस्मत अच्छी थी कि वे भी सुरक्षित थे। वहीं घटनास्थल पर आग बुझाने पहुंचे फायरमैन का कहना था कि वो एक ग्रेनेड है क्योंकि आमतौर पर इन ग्रेनेड पर प्रोटेक्टिव कोटिंग चढ़ी होती है जो इस पर भी देखी जा सकती थी।

शेयर करें..

Post navigation

Previous: एस्वाटिनी के प्रधानमंत्री एम्ब्रोस डलामिनी का कोरोना संक्रमण से निधन
Next: कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े अन्नदाता

Related Post

default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को पद्मभूषण, पद्म पुरस्कारों की घोषणा

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
Dhami pic new
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

मन की बात कार्यक्रम का हर एपिसोड प्रेरणादायी होता है: सीएम धामी

RNS INDIA NEWS 25/01/2026 0
default featured image
  • उत्तराखंड
  • देहरादून

सीएम धामी ने किया बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ

RNS INDIA NEWS 24/01/2026 0

Your browser does not support the video tag.

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 28 जनवरी
  • घास काटते हुए महिला को लगा करंट, मौत
  • सीएम धामी के नेतृत्व में जनसेवा का रिकॉर्ड, 474 कैंपों से 3.77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित
  • आठवें वेतनमान के लिए लामबंद हुए रेल कर्मचारी
  • ट्रक बिक्री का झांसा देकर 10.90 लाख रुपये ठगे
  • खटीमा के बिरिया मझोला में गुलदार के हमले में महिला घायल

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.