

उत्तरकाशी(आरएनएस)। नगर पालिका द्वारा बड़कोट में आगामी 27 नवंबर से 3 दिसम्बर तक होने वाले रवांई शरदोत्सव एवं विकास मेले के कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। मेले में जहां विभिन्न आकर्षक मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत पहले ही दिन से धमाकेदार शुरुआत होने जा रही है। बड़कोट नगर पालिका द्वारा मेले के तय कार्यक्रम के अनुसार 27 नवंबर को मेले का विधिवत शुभारंभ होगा तथा सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रमों के तहत पहले दिन उत्तरखंड के प्रसिद्ध जागर गायक प्रीतम भरतवाण की धमाकेदार प्रस्तुति होगी। 28 नवंबर को लोक गायक अरुण जस्ता, मनोज सागर व दीपक चौहान के कार्यक्रम होंगे। 29 नवंबर को प्रसिद्ध जौनसारी लोक गायक अज्जू तोमर व अजय चौहान अपनी प्रस्तुति देंगे। 30 नवंबर को लोक गायिका रेशमा शाह और लोक रजनीकांत सेमवाल अपनी प्रस्तुति देंगे। 1 दिसम्बर को हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा की धमाकेदार प्रस्तुति, 2 दिसम्बर को उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी अपने गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे तथा 3 दिसम्बर मेले के आखरी दिवस पांडवाज बैंड की शानदार प्रस्तुति होगी। वहीं मेले में मुख्य आकर्षण समुद्री जलपरी, सर्कस, मिक्की माउस, ड्रेगन ट्रेन, बड़ी चरखी, झूला, जम्पिंग कार, कोलम्बस, बच्चों की पानी की ट्रेन आदि मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। सांस्कृतिक समारोह के अन्तर्गत लोक कलाकारों एवं विभिन्न विद्यालयों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजना, खेल प्रतियोगिता के अन्तर्गत वॉलीबाल, कबड्डी एवं रस्साकस्सी का आयोजन, रवांई घाटी की वेशभूषा पर विशेष फैशन शो, रवांई घाटी के प्रसिद्ध साहित्यकारों के द्वारा रवांल्दी भाषा में कवि सम्मेलन, रवांई घाटी के स्थानीय लोक कलाकार जयदेव राणा, सुन्दर प्रेमी, सुरेश भवानी, गजेन्द्र रावत, राज सावन, मुकेश जोक्टा आदि द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत निबन्ध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन तथा मेला समापन समारोह के अवसर पर विजेता व उपविजेता दलों एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने कहा है कि मेले को आकर्षक व भव्य रूप देने का प्रयास किया गया है। साथ ही मेले में स्थानीय कल्चर को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, स्थानीय स्तर पर कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेल आदि सभी प्रतिभाओं को यहां मंच देने के लिए प्रयास किया गया। रवांई के लोकल परिधान, पहनावें पर भी शो होंगे। उन्होंने मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।


