
अल्मोड़ा। विवेकानन्द इंटर कॉलेज रानीधारा में सोमवार को शिक्षकों के लिए पंचपदीय शिक्षण पद्धति पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना तथा कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य मोहन सिंह रावल, विद्यालय के प्रधानाचार्य आलम सिंह उनियाल तथा अल्मोड़ा संकुल के विभिन्न विद्यालयों की प्रधानाचार्या गोदावरी चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य देवेन्द्र नयाल और नंदन सिंह गैलाकोटी ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं सरस्वती वंदना के साथ किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षक एवं स्रोत व्यक्ति देवेश भट्ट ने पंचपदीय शिक्षण पद्धति के पांच चरणों—अधीति, बोध, अभ्यास, प्रयोग और प्रसार—पर आधारित पाठ योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, समूह कार्य और स्थानीय परिवेश से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से प्रभावी अध्यापन की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन भी किया। कार्यशाला में अल्मोड़ा संकुल के लगभग 120 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों का अभ्यास किया तथा अपने अनुभव साझा किए। समापन सत्र में प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का संचालन भूपेश पंत ने किया।


