
रुड़की(आरएनएस)। पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुख्यात नशा तस्कर और हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। साथ ही उसके संपर्क में रहने वालों को चिह्नित कर रही है। पुलिस के अनुसार, सलमान निवासी पीरपुरा, मंगलौर के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद वह लगातार नशे के कारोबार में सक्रिय था और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का काम कर रहा था। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट उत्तराखंड शासन को भेजी गई थी। इसके बाद से ही पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी लेकिन, आरोपी सलमान लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। इस पर एसएसपी ने एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल के निर्देशन और सीओ मंगलौर के पर्यवेक्षण में मंगलौर कोतवाली प्रभारी भगवान महर के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। साथ ही सीआईयू रुड़की की टीम को भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। गुरुवार की रात पुलिस और सीआईयू रुड़की की टीम ने आरोपी सलमान को मंगलौर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रुड़की, मंगलौर सहारनपुर में कुल 13 केस दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी की कुंडली खंगाली जा रही है। साथ ही पता किया जा रहा है कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था। इसके अलावा उसके संपर्क में रहने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
क्या है पीआईटी-
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सामान्य कानून में किसी व्यक्ति को अपराध करने के बाद गिरफ्तार किया जाता है और कोर्ट में केस चलता है। लेकिन पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत अगर सरकार या पुलिस को यह पक्का अंदेशा है कि कोई व्यक्ति बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी में शामिल है या आदतन अपराधी है तो उसे बिना किसी मुकदमे/ट्रायल के एक से दो साल तक के लिए सीधे जेल में रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत हाईकोर्ट की एडवाइजरी कमेटी ने कुख्यात तस्करों को एक साल तक जेल में रखने की मंजूरी दी है।
