
नैनीताल। जिला सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी का शनिवार को हृदयाघात के चलते आकस्मिक निधन हो गया। 52 वर्षीय जोशी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन उन्हें हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से सूचना विभाग और पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
कई जिलों में संभाली जिम्मेदारी
गिरिजा शंकर जोशी लंबे समय से सूचना विभाग से जुड़े थे और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में जिला सूचना अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके थे। उन्होंने अल्मोड़ा, चंपावत समेत कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। नैनीताल में तैनाती के दौरान पत्रकारों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सरल व्यवहार के लिए थे लोकप्रिय
मिलनसार स्वभाव, सरल व्यवहार और कर्मठ कार्यशैली के चलते जोशी पत्रकारों और अधिकारियों के बीच लोकप्रिय थे। विभागीय दायित्वों के साथ उन्होंने मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद और समन्वय बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री समेत कई लोगों ने जताया शोक
निधन की सूचना मिलते ही सांसद अजय भट्ट सहित प्रशासनिक अधिकारियों, सूचना विभाग के कर्मचारियों और पत्रकारों ने उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उनके आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
जोशी अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन को सूचना विभाग के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
रविवार को चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार
गिरिजा शंकर जोशी की अंतिम यात्रा रविवार को सुबह आठ बजे बीके पुरम स्थित उनके आवास, रेनबो पब्लिक स्कूल के निकट, बिठोरिया नंबर-1 से रवाना होगी। अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों, सूचना विभाग के कर्मचारियों, पत्रकारों और परिचितों के शामिल होने की संभावना है।

