
मॉस्को। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर इन दिनों कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पहले यह कहा गया कि अमेरिका-इजरायल के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और कोमा में हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया था कि वह जीवित नहीं हैं। अब कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि खामेनेई रूस में हैं और वहां उनका इलाज चल रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका के कथित ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ में घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई को इलाज के लिए मॉस्को ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि उनका उपचार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास से जुड़े एक निजी चिकित्सा केंद्र में किया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि खामेनेई को युद्ध की स्थिति की जानकारी नहीं है और उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि उन्हें एक रूसी सैन्य विमान के जरिए गुप्त अभियान के तहत मॉस्को लाया गया। मॉस्को में उनकी सर्जरी होने की भी बात कही जा रही है और फिलहाल वह पुतिन के एक आवास में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। बताया गया कि घायल होने के बाद उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता थी, जो युद्धग्रस्त ईरान में संभव नहीं थी।
रिपोर्ट के मुताबिक 12 मार्च को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान पुतिन ने खामेनेई को इलाज के लिए रूस लाने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद ईरानी अधिकारियों के बीच चर्चा हुई और उन्हें रूस भेजने का फैसला लिया गया। हालांकि इस संबंध में अब तक ईरान या रूस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि खामेनेई का इलाज ईरान के सीना विश्वविद्यालय अस्पताल में चल रहा है और ईरान के स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद रजा जफरगंदी उनकी देखरेख कर रहे हैं। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और वह कोमा में हैं।

