
अल्मोड़ा। लैंगिक अपराध के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) श्रीकांत पाण्डेय की अदालत ने अभियुक्त देव सिंह को दोषसिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, 5 सितंबर 2024 को पीड़िता के पिता ने राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र कुणीधार, तहसील रानीखेत में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि 3 सितंबर 2024 को अभियुक्त उनकी पांच वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। तहरीर के आधार पर धारा 3/4 पोक्सो अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना के साक्ष्य एकत्रित किए। 6 सितंबर 2024 को पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया, जिसके बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया। मामले में अभियोजन की ओर से आठ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। विशेष लोक अभियोजक पोक्सो घनश्याम जोशी और जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और महत्वपूर्ण विधिक रूलिंग प्रस्तुत की। न्यायालय ने दस्तावेजी साक्ष्यों और पत्रावली का परीक्षण करने के बाद अभियुक्त देव सिंह को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(2) तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 5(उ) सपठित धारा 6 के तहत दोषसिद्ध किया। पोक्सो अधिनियम की धारा 42 के प्रावधानों के तहत उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।

