
ऋषिकेश(आरएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में किए गए बदलावों के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल ढांचे को बचाने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। इसके विरोध में कांग्रेस 11 जनवरी को डोईवाला के धर्मुचक अंबेडकर पार्क में एक दिवसीय उपवास करेगी। शनिवार को डोईवाला में परवादून जिला कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन कर दिया है। आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 करने का दावा तो किया है, लेकिन इसकी कानूनी गारंटी को खत्म कर दिया है। केंद्र और राज्यों के बीच निधि का अनुपात 90:10 से बदलकर 60:40 कर दिया गया है। इसके तहत अब काम के लिए पूर्व अनुमोदन अनिवार्य होगा, जिससे यह योजना नौकरशाही पर निर्भर हो जाएगी। कार्य केवल चुनिंदा गांवों में होंगे और कार्यक्षेत्र को भी सीमित कर दिया गया है। बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर कर दिया गया है, जो मजदूरों के अधिकारों का हनन है। नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा कि इन बदलावों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों का हक खतरे में है। इसके विरोध में 11 जनवरी को डोईवाला के धर्मुचक अंबेडकर पार्क में एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया जाएगा। प्रदेश सचिव सागर मनवाल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि विरोध को व्यापक बनाने के लिए कांग्रेस 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध, 12-29 जनवरी को ग्राम पंचायतों में चौपालें और जनसंपर्क, 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना, 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर प्रदर्शन, 7-15 फरवरी को राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव, 16-25 फरवरी को एआईसीसी स्तर पर चार बड़ी क्षेत्रीय रैलियां की जाएंगी। मौके पर नगरपालिका सभासद गौरव मल्होत्रा आदि उपस्थित रहे।
