
अल्मोड़ा। जनपद में डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल बुधवार को दसवें दिन भी जारी रही और अभियंताओं ने मांगें पूरी होने तक कार्य से विरत रहने का एलान किया है। अल्मोड़ा में शक्ति सदन में आयोजित बैठक में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और ग्रामीण निर्माण विभाग सहित विभिन्न घटक संघों के अभियंता शामिल हुए।
बैठक में अभियंताओं ने 27 सूत्रीय मांगों के समाधान तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय दोहराया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रमुख मांगों में समयबद्ध एसीपी के तहत 5400, 6600 और 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं। धरना-प्रदर्शन में दीपक मटियाली, ललित शर्मा, रिनी पांडे, हिमांशु जोशी, जीएस मेहरा, ललित मोहन बिष्ट, सूरज रावत, हितांशी नैलवाल सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।
इधर रानीखेत में लो०नि०वि० विश्राम गृह में आयोजित बैठक में अभियंताओं ने कार्यों का बहिष्कार कर रोष जताया। बैठक की अध्यक्षता हरीश सिंह और संचालन ललित सिंह सिराड़ी ने किया। इस दौरान गौरव पंत, कुन्दन सिंह, जे.सी. पाण्डेय, बी.एन. पाण्डेय और जयपाल सिंह तोमर सहित अन्य अभियंता उपस्थित रहे।
भिकियासैंण में भी पेयजल निगम परिसर में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोहराया। इस दौरान महेन्द्र कुमार, अंकित कुमार नेगी, अमित कुमार, विवेक पाठक, परवेज जहां, अरविन्द सिंह, दीपक पाण्डेय, मो. फराज, जोगेन्द्र सिंह, चन्दन सिंह और दिनेश नाथ सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।


