
देहरादून। स्पेशल टॉस्क फोर्स ने लॉटरी का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को कानपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि राकेश रावत पुत्र प्रताप सिंह रावत निवासी फूल सैनी प्रेमनगर ने धोखाधड़ी और आईटी ऐक्ट का मुकदमा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था। साइबर अपराधियों ने राकेश रावत को फोन कर खुद को वोडाफोन का एजेंट बताकर बातचीत शुरू की और 51 लाख रुपये, कार का ईनाम लॉटरी में निकलने की बात कही। आरोपियों ने झांसा देकर रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज बताकर 25 लाख रुपये खाते में डलवा लिए। मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर देवेंद्र नबियाल को सौंपी गई। आरोपियों ने नगदी को कानपुर में पीओएस मशीन एवं एटीएम मशीन से निकाला। अजय सिंह ने बताया कि टीम ने 30 अप्रैल को कानपुर के आर्यनगर में दबिश देकर गिरोह के मास्टरमाइंड पवन सिंह निवासी ग्राम शीतलपुर तहसील अकबरपुर थाना गजनेर जनपद कानपुर देहात को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और 24 हजार पांच सौ रुपये बरामद किए गए हैं।
पेट्रोप पंप पर कमीशन देकर निकाला कैश
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी लोगों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मकान मिलने की बात कहकर झांसा देते थे। लोगों को उनके बैंक खाते एवं अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के नाम से कागजात लेते थे। आरोपियों ने राकेश रावत से ट्रांसफर कराई गई रकम को एक पेट्रोल पंप पर दो प्रतिशत देकर कैश कराया था। दस लाख पंकज और दस लाख शीलू को देने की बात कही। बाकी में से तीन लाख में बहन की शादी और एक लाख अपनी बीमारी के इलाज में खर्च किए।

