Skip to content

RNS INDIA NEWS

आपकी विश्वसनीय समाचार सेवा

Primary Menu
  • मुखपृष्ठ
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • उत्तराखंड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • ऊधम सिंह नगर
      • बागेश्वर
      • चम्पावत
      • नैनीताल
      • पिथौरागढ़
      • चमोली
      • देहरादून
      • पौड़ी
      • टिहरी
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • अरुणाचल
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • गुजरात
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सोलन
    • दिल्ली
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • मणिपुर
    • राजस्थान
    • त्रिपुरा
  • अर्थ जगत
    • बाजार
  • खेल
  • विविध
    • संस्कृति
    • न्यायालय
    • रहन-सहन
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
  • Contact Us
  • About Us
  • PRIVACY POLICY
Light/Dark Button
Watch
  • Home
  • राज्य
  • उत्तराखंड
  • हरिद्वार
  • कुंभ के रंग में पूरी तरह रंगी धर्मनगरी
  • हरिद्वार

कुंभ के रंग में पूरी तरह रंगी धर्मनगरी

RNS INDIA NEWS 04/03/2021
18 (9)

हरिद्वार। धर्मनगरी कुंभ के रंग में पूरी तरह रंगी नजर आयी। बुधवार को निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई निकाली। पेशवाई में भक्ति के अलग-अलग रंग दिखाई दिए। 30 बैंड के साथ हजारों साधु-संत अपनी छावनी से निकलकर हरिद्वार भ्रमण पर निकले। इस पेशवाई में हठयोगी भी दिखाई दिए। निरंजनी अखाड़े के हठयोगी श्री दिगंबर दिवाकर ने 4 सालों से यह प्रतिज्ञा ली हुई है कि वो अपना हाथ कभी नीचे नहीं करेंगे। उनका कहना है कि संतों का काम है त्याग करना। लिहाजा उन्होंने यह प्रतिज्ञा लेकर त्याग किया है। अब वो आजीवन अपने हाथ को ऊपर ही रखेंगे। ऐसे ही एक संत हैं जो केदारनाथ से हरिद्वार की पेशवाई में पहुंचे हैं। बाबा बर्फानी नाम से प्रसिद्ध इस संत ने अपने सिर पर और वस्त्र के रूप में शरीर पर रुद्राक्ष धारण किए हुए हैं। बाबा बर्फानी कहते हैं कि वह इस वस्त्र को और अपने सिर पर रुद्राक्ष के मुकुट को सोने से पहले और खाना-खाने के दौरान ही उतारते हैं। उन्हें कुंभ मेले, पेशवाई और शाही स्नानों का बेसब्री से इंतजार रहता है। गौर हो कि साधु-संतों की पेशवाई का इतिहास बेहद पुराना है। कहा जाता है कि जब मुगलों के आतंक से भारत त्रस्त था, तब इन्हीं साधु-संतों ने मुगलों को शस्त्र और शास्त्र से हराया था। इनके पराक्रम को देख उस समय के राजाओं ने साधु-संतों को हाथी, घोड़े, हथियार और तमाम तरह की वह वस्तुएं दान में दी थीं जो आज साधु-संतों की शाही पेशवाई और स्नान के दौरान दिखाई देती हैं। इन्हीं हथियारों, वस्त्रों और हाथी-घोड़ों के साथ राजा-महाराजाओं की तरह साधु-संत शहर भ्रमण पर निकलते हैं।

 

शेयर करें..

Post navigation

Previous: 1 अप्रैल से बनेंगे चारधाम यात्रा में संचालित वाहनों के ग्रीन कार्ड
Next: स्कूल वैन व कैंटर की भिड़ंत में वैन चालक की मौत

Related Post

default featured image
  • हरिद्वार

जीजा से मारपीट करने पर सालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

RNS INDIA NEWS 14/01/2026 0
default featured image
  • हरिद्वार

कोहरे के चलते किसानों को हो रही परेशानी, उठाना पड़ रहा नुकसान

RNS INDIA NEWS 14/01/2026 0
default featured image
  • हरिद्वार

कड़ाके की ठंड से ओपीडी में मरीजों की संख्या हुई आधे से भी कम

RNS INDIA NEWS 14/01/2026 0

[display_rns_ad]

यहाँ खोजें

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • PRIVACY POLICY

ताजा खबर

  • राशिफल 15 जनवरी
  • राज्य गठन के बाद बने फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच करे सरकार
  • भारतीय गोरखाओं के खिलाफ की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोश
  • लाखों के जेवरात उड़ाने वाला आरोपी पांच घंटे में गिरफ्तार
  • राज्य आंदोलनकारियों को बीस हजार रूपए पेंशन की मांग
  • मकर संक्रांति पर सिमकनी नौले के आसपास चला स्वच्छता अभियान

Copyright © rnsindianews.com | MoreNews by AF themes.