
हल्द्वानी। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने जन सुनवाई के दौरान मिली शिकायतों को देखते हुए ईको टाउन क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्हें कॉलोनी में तमाम अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कॉलोनी में प्लाटों की बिक्री पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए। मामले में संयुक्त सचिव जिला विकास प्राधिकरण ऋचा सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि जन सुनवाई के दौरान उन्हें ईको टाउन क्षेत्र में पाल कोलोनाइजर द्वारा बनाई जी रही कॉलोनी के निर्माण में तमाम अनियमितता बरतने की शिकायत मिली थी। कॉलोनी में मानकों के विरुद्ध भूखंडों की प्लाटिंग की जा रही है। शुक्रवार की शाम को कमिश्नर ने ईको टाउन फेस-1, 2 व फेस-3 का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान पाया कि तीन कॉलोनियों में लोगों को उचित सुविधाएं नहीं दी गई हैं। कॉलोनियों में ग्रीन स्पेस नहीं दिया गया है। साथ ही सड़क, नालों व ड्रेनेज सिस्टम का कोई प्रबंध नहीं है। कॉलोनी में एसटीपी तक का निर्माण नहीं किया गया है। आयुक्त ने कॉलोनी में पाई गई अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त के साथ ही विभागीय अधिकारियों को कॉलोनी में प्लाटों की ब्रिकी पर तत्काल रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए। इस दौरान नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी मनीष कुमार सिंह, तहसीलदार संजय कुमार के साथ ही राजस्व निरीक्षक व प्राधिकरण कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।
कॉलोनी में नहीं पाई गई सुविधाएं
कमिश्नर ने बताया कि ईको टाइन में मानचित्र के अनुसार पार्क, सड़क, सड़क के दोनों ओर नालियां व ड्रेनेज सिस्टम स्थलीय निरीक्षण में नहीं मिला। कालोनाइजर को तत्काल नोटिस जारी करने के साथ ही कॉलोनी में प्लाटों की ब्रिकी पर रोक लगा दी है। कहा कि कॉलोनी में आम लोगों को जो सुविधाए दी जानी थी वह नहीं दी गई। ईको टाइन के अंदर बहुतायत में बहुमंजिला फ्लैट बनाकर बेचे जा रहे हैं, जो नियम के विरुद्व है। आयुक्त ने मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह को ईको टाउन के अन्दर बन रहे बहुमंजिला फ्लैट का मानचित्र की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

