
अल्मोड़ा। वन पंचायत कोट्यूड़ा की आम बैठक सरपंच महेंद्र सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वनाग्नि की घटनाओं के कारणों, उनके नियंत्रण के उपायों और जंगली जानवरों से जान-माल की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे वनाग्नि नियंत्रण में सक्रिय सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना समय पर दें। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध वन पंचायत की ओर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सिजनल फायरवाचरों की नियुक्ति के मामले में वन पंचायत को विश्वास में लेने की मांग वन विभाग से की गई। ग्रामीणों ने बंदरों की बढ़ती समस्या और तेंदुओं के आतंक पर भी चिंता जताई। इस संबंध में गांव में पिंजरा लगाए जाने की मांग रखी गई, ताकि लोगों को वन्यजीवों के खतरे से राहत मिल सके। वन दरोगा हरेंद्र सिंह सतवाल ने वनाग्नि नियंत्रण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वहीं लोक प्रबंध विकास संस्था के अशोक भोज ने वन पंचायत नियमावली में वर्ष 2024 में किए गए संशोधनों के बारे में ग्रामीणों को अवगत कराया। बैठक में ग्राम प्रधान अंजू देवी, हर सिंह बिष्ट, मनोज कुमार, तारा देवी, नेमा देवी, कुंदन सिंह, संसाधन पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, पूजा बिष्ट, लता रोतेला, आनंद सिंह बिष्ट, वन बीट अधिकारी रोशन लाल, कंचन कुमार भोला सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।


