
एचपी कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वार्ता विफल
रुद्रपुर। एचपी कंपनी के बंद होने के बाद डीएलसी कार्यालय में कर्मचारियों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और एएलसी के साथ वार्ता भी हुई। जिसमें कंपनी प्रबंधन ने 18 माह की सैलरी और पीएफ आदि देने का ऑफर दिया। मगर कर्मचारियों ने इससे इनकार कर दिया। बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद कर्मचारियों ने कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया।
एचपी यूनियन अध्यक्ष विनीत कपिल ने बताया कि एक सितंबर को प्रबंधन ने बिना किसी वार्ता के कारखाना बंदी का एक नोटिस चस्पा कर दिया और दो माह तक निलंबित कर दिया है। अध्यक्ष ने बताया कि 31 तारीख से कंपनी आफिशियली तौर पर पूर्णतया बंद हो जाएगी। क्लोजिंग का जो नियम 6डब्ल्यू दिया है, जिसके तहत कंपनी ने 300 से कम कर्मचारी होना दिखाया है। अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना के चलते जिला उद्योग केंद्र से कंपनी ने एक सितंबर 2020 को 492 की परमीशन मांगी थी। अब प्रबंधन कर्मचारियों से कहता है कि हमारी संख्या 195 है। यह कंपनी की एक सोची समझी साजिश थी। इस दौरान एक त्रिपक्षीय वार्ता भी हुई, जिसमे एएलसी और प्रबंधन से एचआर मो. आरिफ और राजेश गौतम आए थे। जिनके सामने नारेबाजी करने के बाद बातचीत की गई। बात न बनने पर एचपी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर धरना प्रदर्शन किया गया। इधर, एचपी कंपनी एचआर मो. आरिफ ने कहा कि 18 माह की सैलेरी और पीएफ का जो बनता है वह दे दिया जाएगा। वार्ता में उपाध्यक्ष गंगा सिंह, महामंत्री भवान सिंह के साथ तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।

