
देहरादून(आरएनएस)। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रवींद्र जुगरान ने कहा कि मसूरी को पेड़ों के कटान, खनन और अवैध निर्माण से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।अवैध निर्माण होता रहा तो मसूरी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।लाइब्रेरी स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले ढाई महीने में मसूरी के विभिन्न क्षेत्रों का धरातल पर जाकर भ्रमण किया। इस दौरान देखा कि जिस तरह से वनों का कटान, पहाड़ों का कटान, खनन हो रहा है और कंक्रीट के जंगल खड़े हो रहे हैं, उससे मसूरी की भार वहन क्षमता लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक, सामाजिक संगठन या जागरूक नागरिक मसूरी की इस संवेदनशीलता पर नहीं बोल रहा है। एमडीडीए, वन विभाग, खनन विभाग, राजस्व विभाग और पर्यावरण से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है। ऐसा लगता है कि सभी विभागों ने आंखें बंद कर रखी हैं। उन्होंने बताया कि कोल्हूखेत के 15 किमी हवाई दूरी के भीतर पेड़ों, पहाड़ों का कटान, खनन और चारागाह की भूमि का अतिक्रमण हो रहा है और अवैध निर्माण की बाढ़ आई हुई है। इसकी शिकायत उन्होंने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव से की, जिन्होंने संज्ञान लेकर वन संरक्षक गढ़वाल को जांच के निर्देश दिए। आरोप लगाया कि जो जांच रिपोर्ट आई वह सत्यता से परे थी, जिस पर वन संरक्षक धीरज पांडे ने दोबारा पूरी जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जॉर्ज एवरेस्ट और पुरकुल-मसूरी रोपवे के टावर के कमजोर बेस को लेकर भी शिकायत करने की बात कही। कहा कि यदि इसी तरह अवैध निर्माण होता रहा तो मसूरी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। एमपीजी कॉलेज के प्रांतीयकरण पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यहां रोजगारपरक विषय खोले जाने चाहिए थे। इस मौके पर डॉ. दीपक जोशी, सुनील रतूड़ी, गंभीर पंवार, नरेंद्र बिष्ट, शूरवीर भंडारी, रवींद्र गुसाईं, नीरज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

