

पौड़ी(आरएनएस)। जिला अस्पताल में उपचार को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और अस्पताल कर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सक मरीज का उपचार करने के बजाय उन्हें श्रीनगर रेफर करने की बात कह रहे थे। बाद में अस्पताल में मरीज की जांच और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जानकारी के अनुसार विकासखंड कल्जीखाल के कठुड़ मनियारस्यूं निवासी 65 वर्षीय कुलदीप सिंह की छाती में दर्द होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। ग्रामीण सुदर्शन सिंह ने बताया कि बुजुर्ग को पिछले तीन-चार दिनों से सीने में दर्द की शिकायत थी और शनिवार सुबह उनकी हालत अधिक खराब हो गई। चलने में असमर्थ होने पर ग्रामीणों ने उन्हें कुर्सी पर बैठाकर करीब 500 मीटर पैदल सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंडियाल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल की आकस्मिक सेवा में मरीज का समुचित उपचार नहीं किया गया और उन्हें श्रीनगर ले जाने का दबाव बनाया गया। इस दौरान तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिला अस्पताल रेफर सेंटर बनकर रह गया है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलडी सेमवाल ने बताया कि द्वितीय शनिवार होने के कारण अस्पताल में केवल आकस्मिक सेवाएं संचालित हो रही थीं, लेकिन सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मरीज की जांच के लिए एक्सरे तकनीशियन को बुलाया गया था, जो भोजनावकाश पर गया हुआ था और लौटने के बाद जांच की गई। डॉ. सेमवाल ने कहा कि मरीज की सभी आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं और अस्पताल प्रबंधन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

