हरिद्वार में व्यापारियों ने किया साप्ताहिक बंदी का विरोध

हरिद्वार। महानगर व्यापार मंडल (सेठी) ने साप्ताहिक बंदी का विरोध करते हुए कहा है कि साप्ताहिक बंदी के दिन बाजारों को सेनेटाइज करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन बाजारों को सेनेटाइज नहीं किया गया। ऐसे में बाजार बंद करने से केवल व्यापारियों को ही नुकसान है। मंगलवार को उत्तरी हरिद्वार में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा एक बार बाजार सेनेटाइज करने के बाद प्रशासन दोबारा सेनेटाइज कराना भूल गया। इसलिए प्रशासन को साप्ताहिक बंदी का निर्णय वापिस लेना चाहिए। सुनील सेठी ने कहा कि कोरोनाकाल में पहले से ही व्यापार मंदी को दौर में चला गया है। ऐसे में दो दिन की साप्ताहिक बंदी व्यापारियों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। राहत के नाम पर सरकार ने अभी तक कोई पैकेज जारी नहीं किया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को हरिद्वार में दो दिन के साप्ताहिक बंदी का निणय वापिस ले लेना चाहिए। जिससे व्यापारियों को थोड़ी राहत मिल सके। इसके लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया गया। सेठी ने कहा कि साप्ताहिक बंदी का सिर्फ व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पहले से आर्थिक नुकसान झेल रहे व्यापारियो को सरकार द्वारा कोई राहत तो दी नहीं जा रही। या तो व्यापारियो को राहत पैकेज जारी करे या फिर उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाए। सुनील सेठी ने सरकार से पुन: राहत पैकेज की मांग दोहराते हुए बिजली पानी के बिल, स्कूलों की फीस माफी की मांग की है। बैठक में मुख्य रूप से खडख़डेश्वर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश सुखीजा, विनोद गिरी, धर्मपाल प्रजापति, गणेश शर्मा, प्रदीप कुमार, भूदेव शर्मा, राजेश शर्मा, प्रीतम सिंह, दीपक मेहता, पंकज सुखीजा, मनीष धीमान, राजू कुमार, रविन्द्र चौहान, हेमंत कुमार, रोहित भसीन, विशाल मलिक , पीयूष कुमार शामिल रहे।


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